
Khelo India Tribal Games: रायपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के नौवें दिन मेजबान छत्तीसगढ़ की महिला टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फुटबॉल का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। खचाखच भरे स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में छत्तीसगढ़ ने झारखंड को 1-0 से शिकस्त दी। टीम की कप्तान किरण पिस्दा इस जीत की स्टार रहीं, जिन्होंने मैच के निर्णायक क्षणों में गोल दागकर अपनी टीम को जीत दिलाई। घरेलू दर्शकों के शोर और समर्थन के बीच छत्तीसगढ़ की बेटियों ने मैदान पर गजब का तालमेल दिखाया और विपक्षी टीम को एक भी मौका नहीं दिया।
खिताबी मुकाबला: किरण पिस्दा के जादुई गोल ने छत्तीसगढ़ को बनाया चैंपियन
महिला फुटबॉल का फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। दोनों ही टीमें पहले हाफ तक एक-दूसरे पर हावी होने की कोशिश करती रहीं, लेकिन गोल का खाता नहीं खुला। मैच के 61वें मिनट में कप्तान किरण पिस्दा ने फुर्ती दिखाते हुए झारखंड की रक्षा पंक्ति की एक छोटी सी चूक का फायदा उठाया और गेंद को नेट में डाल दिया। इस एकमात्र गोल ने ही जीत की पटकथा लिख दी। इसके बाद छत्तीसगढ़ के डिफेंडर्स ने झारखंड के हर हमले को नाकाम कर दिया। जीत के बाद किरण ने कहा कि यह गोल्ड मेडल घरेलू दर्शकों के प्यार और टीम की कड़ी मेहनत का नतीजा है।
एथलेटिक्स में रिकॉर्डों की झड़ी: जगदलपुर में शिव कुमार का डबल गोल्ड
जगदलपुर में आयोजित एथलेटिक्स स्पर्धाओं के अंतिम दिन खिलाड़ियों ने अपनी रफ्तार से सबको हैरान कर दिया। झारखंड के शिव कुमार सोरेन इस प्रतियोगिता के सबसे सफल धावक बनकर उभरे। उन्होंने 100 मीटर की रेस जीतने के बाद अब 200 मीटर में भी स्वर्ण पदक जीतकर अपना ‘डबल’ पूरा किया। महिला वर्ग में कर्नाटक की रीथुश्री ने भी 200 मीटर में अपनी बादशाहत कायम रखते हुए दूसरा स्वर्ण जीता। वहीं, धाविका नागिनी ने मध्यम दूरी की दौड़ यानी 800 और 1500 मीटर में दोहरी सफलता हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
मेजबान का जलवा: रिले रेस में मिला रजत और 1500 मीटर में कांस्य
फुटबॉल के अलावा अन्य ट्रैक स्पर्धाओं में भी छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने पदक तालिका में अपना योगदान दिया। पुरुषों की 4×400 मीटर रिले रेस में छत्तीसगढ़ की टीम ने 3:19.26 सेकंड का समय निकालकर रजत पदक जीता। इस कड़ी प्रतिस्पर्धा में ओडिशा की टीम पहले स्थान पर रही। वहीं, एथलीट मनीष कुमार ने 1500 मीटर की दौड़ में अपनी पूरी ताकत झोंक दी और कांस्य पदक जीतकर राज्य का मान बढ़ाया। इन पदकों के साथ छत्तीसगढ़ अब तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
तीरंदाजी में झारखंड का निशाना: कोमालिका और कृष्णा की जोड़ी ने जीता दिल
निशानेबाजी और तीरंदाजी के मैदान पर झारखंड के खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। रिकर्व मिक्स्ड टीम इवेंट में कोमालिका बारी और कृष्णा पिंगुआ की जोड़ी ने सटीक निशाने साधते हुए गोल्ड मेडल जीता। फाइनल में उन्होंने ओडिशा की मजबूत टीम को मात दी। दूसरी ओर, महाराष्ट्र के हर्षवर्धन इंगले भी आकर्षण का केंद्र रहे। उन्होंने कंपाउंड व्यक्तिगत और मिक्स्ड टीम स्पर्धा, दोनों में ही स्वर्ण पदक जीतकर अपनी श्रेष्ठता साबित की। झारखंड की इस जीत ने उन्हें पदक तालिका में तीसरे स्थान पर मजबूती से टिका दिया है।
पदक तालिका का हाल: 23 स्वर्ण के साथ कर्नाटक सबसे ऊपर
प्रतियोगिता के समापन से ठीक एक दिन पहले कर्नाटक ने पदक तालिका में अपनी नंबर एक की कुर्सी सुरक्षित कर ली है। कर्नाटक 23 स्वर्ण पदकों के साथ शीर्ष पर है, जबकि ओडिशा 20 स्वर्ण के साथ दूसरे स्थान पर बना हुआ है। झारखंड 14 स्वर्ण के साथ तीसरे पायदान पर है। मेजबान छत्तीसगढ़ वर्तमान में 3 स्वर्ण, 9 रजत और 6 कांस्य पदकों के साथ नौवें स्थान पर काबिज है। महाराष्ट्र 6 स्वर्ण जीतकर चौथे स्थान पर है। अब सभी की निगाहें आखिरी दिन होने वाले मुकाबलों पर हैं, जहां छोटे उलटफेर पदक तालिका की तस्वीर बदल सकते हैं।
खेलों का महाकुंभ: 30 राज्यों के 3800 खिलाड़ी दिखा रहे हैं दम
पहली बार आयोजित हो रहे इन ट्राइबल गेम्स ने देश की जनजातीय खेल प्रतिभाओं को एक बड़ा मंच दिया है। इस आयोजन में देश के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 3800 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। एथलेटिक्स, फुटबॉल और तीरंदाजी के अलावा हॉकी, तैराकी, वेटलिफ्टिंग और कुश्ती जैसी स्पर्धाओं में भी कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। छत्तीसगढ़ ने इस पहले संस्करण की मेजबानी के साथ-साथ मैदान पर भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। समापन समारोह के साथ ही इन ऐतिहासिक खेलों का पहला सफर पूरा हो जाएगा।
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