
छत्तीसगढ़ की लाखों महिलाओं के लिए आज का दिन खुशियां लेकर आया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ‘महतारी वंदन योजना’ की 26वीं किश्त की राशि जारी कर दी है। जैसे ही सरकार ने बटन दबाकर पैसे ट्रांसफर किए, प्रदेश भर की महिलाओं के मोबाइल फोन पर मैसेज की घंटी बजने लगी। इस बार कुल 68 लाख 48 हजार 899 महिलाओं के बैंक खातों में 641.62 करोड़ रुपए की राशि सीधे ट्रांसफर की गई है। सरकार का दावा है कि यह कदम महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और समाज में उनकी भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।
खातों में पहुंची खुशियों की सौगात: 68.48 लाख महिलाओं को मिला लाभ
राज्य सरकार ने इस महीने की किश्त के लिए कुल 641 करोड़ 62 लाख 92 हजार रुपए का बजट खर्च किया है। खास बात यह है कि इस बार ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के तहत आने वाले नक्सल प्रभावित और सुदूर गांवों की 7,773 महिलाओं को भी योजना का लाभ मिला है। मार्च 2024 में शुरू हुई इस योजना का उद्देश्य विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान करना है। अब तक इस योजना के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं को कुल 16,881 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है।
मोदी की गारंटी और साय का साथ: हर महीने मिल रही है 1000 रुपए की मदद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को पूरा करने की दिशा में महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ सरकार की सबसे बड़ी योजनाओं में से एक है। योजना की शुरुआत से लेकर अब तक बिना किसी रुकावट के हर महीने हितग्राहियों को एक-एक हजार रुपए की सहायता राशि नियमित रूप से दी जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय खुद इस योजना की निगरानी करते हैं ताकि किसी भी पात्र महिला को लाभ से वंचित न रहना पड़े। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं के लिए यह राशि घरेलू खर्चों और छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा करने का बड़ा सहारा बन गई है।
ई-केवाईसी का काम हुआ तेज: 30 जून तक का मिला है समय
सरकार ने योजना में पारदर्शिता बनाए रखने और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया है। ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड के माध्यम से यह काम 3 अप्रैल से शुरू हो चुका है और 30 जून तक चलेगा। ग्रामीण इलाकों में ग्राम पंचायत भवनों और शहरों में वार्ड कार्यालयों में स्थित व्हीएलई (VLE) केंद्रों पर महिलाएं अपना केवाईसी अपडेट करवा सकती हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन महिलाओं का केवाईसी पूरा नहीं होगा, उन्हें आने वाली किश्तों का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है।
क्यों रुकी कुछ महिलाओं की किश्त: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने दी अहम जानकारी
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि प्रदेश में महतारी वंदन योजना के कुल हितग्राहियों की संख्या 68,94,633 है। हालांकि, इस महीने 68,48,899 महिलाओं को ही भुगतान किया गया है। लगभग 45 हजार से अधिक महिलाओं की किश्त उनके केवाईसी दस्तावेज अधूरे होने के कारण रुकी हुई है। मंत्री ने ऐसी सभी महिलाओं से अपील की है कि वे तुरंत अपने नजदीकी केंद्र पर जाकर ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करें ताकि उनकी रुकी हुई राशि भी जल्द से जल्द उनके खाते में जमा की जा सके।
घर बैठे कैसे कराएं केवाईसी: पंचायत और वार्डों में लगी हैं टीमें
महिलाओं की सुविधा के लिए विभाग ने केवाईसी की प्रक्रिया को बेहद सरल बनाया है। हितग्राही अपने आधार कार्ड और बैंक पासबुक के साथ ग्राम पंचायत या वार्ड दफ्तर जा सकती हैं। वहां मौजूद कर्मचारी बायोमेट्रिक या ओटीपी के जरिए उनका सत्यापन पूरा करेंगे। इसके अलावा, जिन महिलाओं के बैंक खाते आधार से लिंक नहीं हैं या जिनका डीबीटी (Direct Benefit Transfer) सक्रिय नहीं है, उन्हें अपने बैंक जाकर इसे अपडेट कराने की सलाह दी गई है। बिना डीबीटी सक्रिय हुए सरकारी पैसा खाते में जमा नहीं हो पाता है।
महतारी वंदन योजना का पैसा कैसे चेक करें
महतारी वंदन योजना का पैसा चेक करने के लिए आपको ऑफिशियल पोर्टल पर जाना होगा। यहां आपको अंतिम सूची या आवेदन की स्थिति का विकल्प दिखेगा, उस पर क्लिक करें। अब अपना आधार नंबर, मोबाइल नंबर, कैप्चा कोड और मोबाइल पर आए OTP को भरें। आपको अपने खाते की जानकारी मिल जाएगी।
सशक्त होती छत्तीसगढ़ की नारी: आर्थिक आजादी की ओर बढ़ते कदम
महतारी वंदन योजना केवल एक वित्तीय सहायता नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के सम्मान और आत्मविश्वास को बढ़ाने का जरिया बन गई है। बस्तर से लेकर सरगुजा तक, महिलाएं अब अपनी छोटी जरूरतों के लिए परिवार के अन्य सदस्यों पर निर्भर नहीं हैं। योजना का लाभ मिलने से स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ी है क्योंकि महिलाएं इस पैसे का उपयोग बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक आवश्यकताओं के लिए कर रही हैं। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश की हर विवाहित महिला इस योजना से जुड़कर मजबूत बने।



