
CG Teachers Recruitment: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में आज स्कूलों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा गरमाया रहा। वरिष्ठ भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने प्रदेश के लाखों युवाओं के भविष्य को संवारने वाला सवाल शिक्षक भर्ती जिसके लिए छत्तीसगढ़ के युवा सालों से तैयारी कर रहे है लेकिन प्रदेश में अब तक शिक्षा विभाग ने भर्ती के तारीखों का ऐलान नहीं किया है इस सवाल को लेकर आज अजय चंद्राकर ने अपनी ही सरकार के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को सवालों के घेरे में ले लिया। चंद्राकर ने प्रदेश में संचालित प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्कूलों की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत जानकारी मांगी। उन्होंने पूछा कि 31 जनवरी 2026 तक स्कूलों में छात्रों की कुल संख्या कितनी है और कितने बच्चों ने बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी है। विधायक का मुख्य जोर इस बात पर था कि स्कूलों में शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों पर वर्तमान में कितनी नियुक्तियां हैं और स्वीकृत सेटअप के मुकाबले कितने पद अब भी खाली पड़े हैं।
5000 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जारी, तारीख पर मंत्री जी ने कहा
शिक्षक भर्ती के इंतजार में बैठे प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए सदन से एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। विधायक के सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने स्वीकार किया कि प्रदेश में शिक्षक भर्ती की घोषणा की जा चुकी है। मंत्री ने बताया कि व्याख्याता, शिक्षक और सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के कुल 5000 पदों पर भर्ती की कार्यवाही फिलहाल प्रक्रियाधीन है। हालांकि, जब अजय चंद्राकर ने भर्ती पूरा करने की समय-सीमा पूछी, तो मंत्री ने कोई निश्चित तारीख बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि भर्ती की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन इसे कब तक पूरा कर लिया जाएगा, इसकी सटीक अवधि बताना अभी संभव नहीं है।

छात्रों की दर्ज संख्या और ‘ड्रॉपआउट’ रेट पर चिंता
सदन में चर्चा के दौरान स्कूलों में बच्चों के स्कूल छोड़ने (ड्रॉपआउट) की दर पर भी तीखी बहस हुई। अजय चंद्राकर ने जानना चाहा कि क्या दर्ज छात्र संख्या के आधार पर स्कूलों में पर्याप्त स्टाफ मौजूद है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पदों के अनुरूप शिक्षक नहीं हैं, तो शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों की उपस्थिति पर इसका क्या असर पड़ रहा है। आंकड़ों के जरिए यह समझने की कोशिश की गई कि हर साल पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों की संख्या बढ़ रही है या घट रही है। विभाग की ओर से बताया गया कि सरकार शिक्षा के स्तर को सुधारने और बच्चों को स्कूलों से जोड़े रखने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

भर्ती की कार्ययोजना और युवाओं की उम्मीदें
शिक्षक भर्ती को लेकर बनी कार्ययोजना पर सरकार के जवाब से सदन में असंतोष की स्थिति भी दिखी। विधायक ने पूछा था कि भर्ती के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं और विज्ञापन कब तक जारी होंगे। हालांकि मंत्री ने 5000 पदों का आंकड़ा तो सामने रख दिया, लेकिन प्रशासनिक और तकनीकी अड़चनों का हवाला देते हुए समय-सीमा पर चुप्पी साधे रखी। अब देखना होगा कि विधानसभा में इस मुद्दे के उठने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग भर्ती प्रक्रिया में कितनी तेजी लाता है, क्योंकि हजारों बेरोजगार युवा लंबे समय से इन नियुक्तियों की राह देख रहे हैं।




