
राजनांदगांव: छत्तीसगढ़ में हाल ही में संपन्न हुए राज्योत्सव 2025 के आयोजनों पर प्रशासनिक लापरवाही के गंभीर सवाल उठ रहे हैं। रायपुर में मंत्रियों के कटआउट को मवेशी ढोने वाले वाहन में ले जाने पर जहाँ पहले ही तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया था, वहीं अब राजनांदगांव प्रशासन पर लखपति दीदियों के अपमान का आरोप लगा है।
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन के हाथों सम्मानित होने के लिए बुलाई गई बिहान योजना की आत्मनिर्भर महिलाओं को आयोजन स्थल तक पहुँचाने के लिए ऐसी व्यवस्था की गई, जिसने लोगों को हतप्रभ कर दिया। इन लखपति दीदियों को कचरा उठाने वाली गाड़ियों में बैठाकर लाया गया, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं।
कचरा वाहन में लखपति दीदियाँ: सम्मान से पहले अपमान!
यह शर्मनाक घटना राजनांदगांव के स्टेट स्कूल में आयोजित उस समारोह की है, जहाँ बिहान योजना के तहत सरकारी लोन लेकर अपने पैरों पर खड़ी हुई महिलाओं को सफल उद्यमी के रूप में सम्मानित किया जाना था।
- अपमान की वजह: प्रशासनिक अफसरों की घोर लापरवाही के कारण, इन सम्मानित महिलाओं को कार्यक्रम स्थल तक पहुँचाने के लिए सफाई के काम में लगी कचरा गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया।
- जनता की नाराज़गी: तस्वीरों में महिलाओं को कचरा वाहनों में बैठाकर लाया जाता देख, स्थानीय नागरिकों में भारी रोष है।
स्थानीय नागरिकों ने इस घटना को न केवल असंवेदनशील बताया है, बल्कि इसे ‘नारी अस्मिता पर चोट’ करार दिया है।
लाखों के आयोजन पर सवाल: कहाँ है मेहमानों की गरिमा?
शहर में यह चर्चा ज़ोरों पर है कि जिन महिलाओं को आत्मनिर्भरता की मिसाल के रूप में प्रस्तुत करना था, उनके प्रति प्रशासन का यह रवैया उनकी गरिमा के बिल्कुल विपरीत है।
देखिये वीडियो-
नागरिक सवाल उठा रहे हैं कि जब सरकारी खर्चे पर लाखों रुपए लगाकर इतने बड़े आयोजन किए जाते हैं, तो अधिकारी मेहमानों की गरिमा का ध्यान क्यों नहीं रख पाए? लोगों का कहना है कि अगर सम्मान समारोह में बुलाकर उन्हें इस तरह भेड़-बकरियों की तरह कचरा गाड़ियों में लाया जाए, तो ऐसे सरकारी आयोजनों का क्या औचित्य रह जाता है? इस मामले ने राजनांदगांव प्रशासन की व्यवस्था और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



