
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में धमतरी विधायक ओंकार साहू ने विकास कार्यों की अनदेखी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विधायक ने अपने पैतृक गांव और नगर पंचायत आमदी में समर्थकों के साथ चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नगर पंचायत का दर्जा मिलने के वर्षों बाद भी यह क्षेत्र बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। करीब आधे घंटे तक चले इस प्रदर्शन के दौरान यातायात पूरी तरह ठप रहा और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
पुलिस के साथ धक्का-मुक्की और बल प्रयोग
आमदी के पुराना बाजार चौक पर विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की। विधायक ओंकार साहू और कांग्रेस कार्यकर्ता पुलिस का घेरा तोड़कर सड़क के बीचों-बीच बैठ गए। इस दौरान पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच काफी देर तक झूमाझटकी होती रही। अंत में पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए प्रदर्शनकारियों को सड़क से किनारे हटाया। मौके पर भारी पुलिस बल की तैनाती के कारण माहौल गरमाया रहा।
19 साल का हिसाब और भ्रष्टाचार के आरोप
विधायक ओंकार साहू ने नगर पंचायत के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि आमदी को नगर पंचायत बने 19 साल बीत चुके हैं, लेकिन इसमें से 14 साल सिर्फ भ्रष्टाचार और कागजी खानापूर्ति की भेंट चढ़ गए। विधायक ने वर्तमान नगर पंचायत अध्यक्ष और प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता के हक का पैसा विकास के बजाय लीपापोती में खर्च किया जा रहा है। उन्होंने साफ किया कि अब क्षेत्र की जनता और अधिक अन्याय बर्दाश्त नहीं करेगी।
‘गौरव पथ’ को लेकर छिड़ा बड़ा विवाद
आंदोलन की मुख्य वजहों में से एक ‘गौरव पथ’ निर्माण का रुकना है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर ने बताया कि जिले की अन्य सभी नगर पंचायतों में गौरव पथ बनकर तैयार है, लेकिन आमदी में बजट में शामिल होने के बावजूद इसे निरस्त करने की साजिश रची जा रही है। आरोप है कि व्यक्तिगत स्वार्थ के चलते स्वीकृत कार्यों को रोका जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर गौरव पथ और अन्य 6 सूत्रीय मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले समय में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
अधिकारियों के आश्वासन पर खुला जाम
हंगामे की सूचना मिलते ही प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने विधायक और प्रदर्शनकारियों से चर्चा की और नगर पंचायत की लंबित मांगों को जल्द पूरा करने का लिखित और मौखिक आश्वासन दिया। अधिकारियों ने विश्वास दिलाया कि विकास कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर किया जाएगा। इस आश्वासन के बाद विधायक ने चक्काजाम समाप्त करने का निर्णय लिया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि अगर तय समय में काम शुरू नहीं हुआ तो वे फिर से सड़कों पर उतरेंगे।



