VIDEO: छत्तीसगढ़ क्रांति सेना प्रमुख अमित बघेल ने किया सरेंडर, थाने में भारी फोर्स तैनात, गिरफ्तारी से ठीक पहले मां का हुआ निधन

रायपुर: छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रमुख अमित बघेल ने देवेंद्र नगर पुलिस थाना पहुंचकर किया सरेंडर। आपत्तिजनक बयानों से जुड़े मामले में करीब 26 दिनों से फरार चल रहे बघेल शुक्रवार को कोर्ट में आत्मसमर्पण करने पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने सरेंडर के 10 मिनट पहले ही उन्हें हिरासत में ले लिया। कुछ दिन पहले एक इंटरव्यू ने पुलिस थाना पहुंचकर सरेंडर करने का किया था ऐलान बड़ी संख्या में समर्थकों के पहुँचने के कारण कोर्ट और थाने के आस-पास सुरक्षा बढ़ा दी गई थी।

मां का निधन, अंतिम संस्कार के लिए मांगेंगे जमानत

गिरफ्तारी से ठीक पहले शुक्रवार को अमित बघेल की मां का निधन हो गया है। उनके शव को उनके पैतृक गांव पथरी ले जाया गया है, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा। बताया जा रहा है कि बघेल अपनी मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए कोर्ट में जमानत (बेल) के लिए आवेदन कर सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की थी अग्रिम जमानत याचिका

इसके पहले 26 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने अमित बघेल को कड़ी फटकार लगाते हुए उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा था कि वह अपनी जुबान पर लगाम रखें। कोर्ट ने कहा था कि वह FIR क्लबिंग जैसे किसी मुद्दे पर हस्तक्षेप नहीं करेगा और जहां-जहां FIR दर्ज है, वहां की कानूनी प्रक्रिया का सामना करें।

विवादित टिप्पणी के बाद 12 राज्यों में दर्ज हैं FIR

अमित बघेल के खिलाफ सिर्फ छत्तीसगढ़ में ही नहीं, बल्कि देश के 12 राज्यों में मामले दर्ज हैं। यह मामला तब तूल पकड़ा जब 27 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़ने को लेकर उन्होंने अग्रसेन महाराज और सिंधी समाज के ईष्ट देवता झूलेलाल पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस बयान के बाद देशभर में अग्रवाल समाज और सिंधी समाज भड़क उठा था।

देखिये वीडियो-

अग्रवाल और सिंधी समाज ने किया था राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन

अमित बघेल की आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद अग्रवाल और सिंधी समाज ने रायपुर, रायगढ़ और सरगुजा समेत कई जिलों में समाज के लोगों ने विरोध जताते हुए FIR दर्ज करने की मांग की थी। छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत के सलाहकार अनूप मसंद ने बताया था कि बघेल के बयानों से समाज नाराज हुआ है और बैठक के बाद पुलिस से शिकायत करने की सहमति बनाई गई थी।

क्या था छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति का विवाद?

यह विवाद 26 अक्टूबर 2025 को रायपुर के VIP चौक पर छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति से तोड़फोड़ के बाद शुरू हुआ था। अगले दिन छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना मौके पर पहुँची और जमकर हंगामा किया था। मूर्ति में मातृ स्वरूपा महिला को पारंपरिक परिधान और आभूषणों में दर्शाया गया है, जिसका अनावरण 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किया था। पुलिस ने मूर्ति तोड़ने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था, जो मानसिक रूप से बीमार था।

कोर्ट परिसर में बढ़ाई गई थी कड़ी सुरक्षा

अमित बघेल के सरेंडर की खबर के चलते कोर्ट के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। बैरिकेडिंग और सुरक्षा निगरानी बढ़ा दी गई थी। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तारी के बाद तुरंत रिमांड प्रक्रिया के लिए तैयार किया था।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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