
सरकार की ओर से जारी नए निर्देश के मुताबिक अब पंजीयन कार्यालयों में साप्ताहिक अवकाश यानी शनिवार और रविवार को भी कामकाज जारी रहेगा। इसके साथ ही 1 मार्च को महावीर जयंती के सरकारी अवकाश के दिन भी दफ्तरों में ताले नहीं लटकेंगे। इन सभी विशेष दिनों में कार्यालय अपने निर्धारित समय पर ही खुलेंगे और कर्मचारी पूरी क्षमता के साथ जनता की फाइलों का निपटारा करेंगे। इसका सीधा मतलब यह है कि मार्च के आखिरी दिनों में अब काम की रफ्तार नहीं थमेगी।
मार्च की भारी भीड़ को देखते हुए लिया फैसला
पंजीयन विभाग ने यह निर्णय वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर होने वाली भारी भीड़ को मैनेज करने के लिए लिया है। अक्सर देखा जाता है कि मार्च के आखिरी हफ्ते में प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराने वालों की संख्या अचानक बढ़ जाती है, जिससे सर्वर पर लोड बढ़ता है और लोगों को घंटों लाइनों में खड़ा रहना पड़ता है। इस बार छुट्टियों में भी दफ्तर खोलकर प्रशासन ने भीड़ को बांटने और काम को आसान बनाने की कोशिश की है ताकि किसी को भी घंटों इंतजार न करना पड़े।
जरूरी कागजात साथ रखने की अपील
विभाग ने नागरिकों से खास अपील की है कि वे रजिस्ट्री के लिए दफ्तर आने से पहले अपने सभी जरूरी दस्तावेज और प्रमाण पत्र तैयार रखें। इससे मौके पर होने वाली भागदौड़ से बचा जा सकेगा और काम जल्दी पूरा होगा। सरकार का लक्ष्य है कि इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और अंतिम समय में सर्वर डाउन होने जैसी तकनीकी दिक्कतों के कारण किसी का काम न रुके। स्टाफ को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे आवेदकों की समस्याओं का तुरंत समाधान करें।
नौकरीपेशा लोगों को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा
इस फैसले का सबसे सकारात्मक असर उन लोगों पर पड़ेगा जो निजी या सरकारी संस्थानों में काम करते हैं और वर्किंग डेज में छुट्टी नहीं ले पाते थे। अब ऐसे लोग शनिवार और रविवार को बिना दफ्तर से छुट्टी लिए अपनी संपत्ति का पंजीकरण करा सकेंगे। शासन ने यह भरोसा दिलाया है कि छुट्टियों के इन दिनों में भी सभी सेवाएं सुचारू रूप से चलेंगी और किसी भी स्तर पर काम प्रभावित नहीं होगा।
वित्तीय वर्ष की समय सीमा का रखा ध्यान
31 मार्च तक का समय वित्तीय लेनदेन और सरकारी टारगेट के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण होता है। सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक लोग इस समय सीमा के भीतर अपने दस्तावेजों का पंजीयन करा लें ताकि राजस्व का लक्ष्य भी समय पर पूरा हो सके। यह कदम न केवल जनता की सुविधा के लिए है बल्कि इससे सरकारी कामकाज में आने वाली रुकावटों को भी दूर किया जा सकेगा। अब लोग बिना किसी तनाव के अपने सपनों के घर या जमीन की रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।



