
रायपुर: छत्तीसगढ़ में ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली ‘विहान’ योजना और एनआरएलएम (NRLM) की सक्रिय महिलाओं ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। सोमवार को बड़ी संख्या में सीआरपी और सक्रिय महिला संघ की सदस्य मोतीबाग चौक पर एकत्रित हुईं। संघ की पदाधिकारियों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री लालकिले से उनके काम की सराहना करते हैं, वहीं दूसरी तरफ विभाग उन्हें नाममात्र का मानदेय देकर उनका शोषण कर रहा है। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग की लगभग सभी योजनाओं को जमीन पर उतारने वाली इन महिलाओं का कहना है कि उन्हें किसी भी तरह की सरकारी सुविधा या सुरक्षा नहीं दी जा रही है।
जिम्मेदारी का भारी बोझ: समूह गठन से लेकर पशुपालन और सर्वे तक, महिलाओं के जिम्मे हैं ये महत्वपूर्ण काम
संघ की प्रांताध्यक्ष पदमा पाटिल और महासचिव बिंदु यादव ने बताया कि ये महिलाएं गांवों में सुबह से लेकर शाम तक पसीना बहाती हैं। उनके द्वारा किए जाने वाले कार्यों की सूची काफी लंबी है:
- समूह प्रबंधन: नए स्व-सहायता समूहों का गठन करना, उनकी नियमित बैठकें लेना और रजिस्टर मेंटेन करना।
- बैंकिंग और ऑडिट: समूहों के बैंक खाते खुलवाना, उन्हें लोन दिलाने में मदद करना और समय पर ऑडिट सुनिश्चित करना।
- ग्रामीण डेटा: गांव की जनसंख्या, साक्षरता और गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले परिवारों का सटीक सर्वे करना।
- आजीविका ट्रैकिंग: कृषि, पशुपालन, मुर्गी पालन और मछली पालन से जुड़ी महिलाओं की जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करना।
- सरकारी योजनाएं: ‘लखपति दीदी’ और वीपीआरपी (VPRP) जैसे अभियानों का ऑफलाइन और ऑनलाइन डेटा फीड करना।
- अतिरिक्त सेवाएं: आयुष्मान कार्ड बनवाना, वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान और आंगनबाड़ी के ‘वजन त्यौहार’ जैसे गैर-विभागीय कामों में भी इनकी ड्यूटी लगाई जाती है।
1910 रुपये में कैसे चलेगा घर? कार्यकर्ताओं ने रखी 7 सूत्रीय मांगें
- मानदेय 1910 रुपये से बढ़ाकर पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र की तरह 6000 रुपये प्रदान किया जाए।
- मोबाइल में ऑनलाइन काम करना पड़ता है, मोबाइल का रिचार्ज खर्च दिया जाए।
- लगातार क्लस्टर और जनपद आना जाना पड़ता है, इसलिए यात्रा भत्ता दिया जाए।
- वर्षों से कार्यरत सक्रिय महिलाओं को जबरदस्ती कार्य से हटाया जा रहा है जो अनुचित है। कार्य से न हटाएं।
- सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
- मानदेय प्रतिमाह बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाए।
- नियमितीकरण किया जाए।
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