
PM Modi Meloni Viral Photo: छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक नया और बेहद गंभीर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की मुलाकातों को लेकर एक बेहद विवादित टिप्पणी की है। रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों से प्रधानमंत्री मोदी और मेलोनी की जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, उन्हें देखकर ऐसा लगता है जैसे वे हनीमून मनाने गए हों। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि दोनों नेताओं की तस्वीरें सोशल मीडिया पर किसी प्री-वेडिंग शूट की तरह वायरल की जा रही हैं। दीपक बैज के इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी ने तीखी आपत्ति जताई है और इसे प्रधानमंत्री पद की गरिमा का अपमान बताया है।
सोसायटियों में खाद की भारी किल्लत, कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार से पूछा- कितना है वास्तविक स्टॉक
प्रधानमंत्री पर निजी टिप्पणी करने के साथ ही दीपक बैज ने छत्तीसगढ़ के स्थानीय और ज्वलंत मुद्दों पर भी विष्णुदेव साय सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने प्रदेश में खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही शुरू हुई खाद की किल्लत का मुद्दा उठाया। बैज ने कहा कि राज्य भर के किसान सोसायटियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें खेतों के लिए जरूरी यूरिया और डीएपी खाद नहीं मिल पा रही है। उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार को आंकड़ों की बाजीगरी बंद कर जनता के सामने यह साफ करना चाहिए कि इस समय गोदामों में खाद का वास्तविक स्टॉक कितना है और इस संकट से निपटने के लिए क्या अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं।
‘रायपुर में कमिश्नरी प्रणाली पूरी तरह फेल’, गृहमंत्री के नए फैसले पर खड़े किए गंभीर सवाल
दुर्ग और बिलासपुर संभाग में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने के प्रदेश के गृहमंत्री के हालिया बयान पर भी पीसीसी चीफ ने कड़ा प्रहार किया। दीपक बैज ने कहा कि राजधानी रायपुर में कमिश्नरी प्रणाली पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है। इस व्यवस्था के आने के बाद भी रायपुर में अपराधों का ग्राफ कम होने के बजाय और तेजी से बढ़ा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब सत्ताधारी दल भाजपा के वरिष्ठ विधायक धरमलाल कौशिक का खुद का मोबाइल फोन सुरक्षित नहीं है और वह चोरी हो जाता है, तो आम जनता की सुरक्षा का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। सरकार पहले यह बताए कि कमिश्नरी सिस्टम से रायपुर को क्या फायदा हुआ, जो अब इसे दुर्ग-बिलासपुर में थोपा जा रहा है।
अंतागढ़ में 55 सरपंचों के सामूहिक इस्तीफे पर बोले बैज- ढाई साल में विकास ठप, कहां गया बजट
कांकेर जिले के अंतागढ़ में 55 से अधिक ग्राम पंचायतों के सरपंचों द्वारा दिए गए सामूहिक इस्तीफे के मामले पर दीपक बैज ने सरकार की प्रशासनिक कार्यशैली को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जनता द्वारा चुने गए स्थानीय जनप्रतिनिधि आज सबसे ज्यादा बेबस और परेशान हैं क्योंकि गांवों में पिछले कई महीनों से एक भी निर्माण कार्य को मंजूरी नहीं दी गई है। कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि अगर पंचायतों को विकास कार्यों के लिए फंड नहीं मिल रहा है, तो फिर बजट का पैसा आखिर जा कहां रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के राज में ग्रामीण विकास पूरी तरह ठप हो चुका है, जिससे नाराज होकर जनप्रतिनिधि यह आत्मघाती कदम उठा रहे हैं।
डिप्टी सीएम अरुण साव पर तीखा पलटवार, कहा- आप छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री हैं, पाकिस्तान के नहीं
कुछ दिनों पहले राज्य के उप मुख्यमंत्री अरुण साव द्वारा दिए गए एक राजनीतिक बयान पर पलटवार करते हुए दीपक बैज ने उन्हें सीधे तौर पर नसीहत दे डाली। बैज ने कहा कि अरुण साव को अगर पड़ोसी देशों की इतनी ही चिंता है, तो उन्हें भारत छोड़कर पाकिस्तान में जाकर बस जाना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि अरुण साव पाकिस्तान के नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री हैं, इसलिए उन्हें अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय अपने राज्य की जनता के कल्याण और विकास की बात करनी चाहिए। बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता महंगाई जैसे असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए हमेशा पाकिस्तान और बांग्लादेश का राग अलापते रहते हैं, जो छत्तीसगढ़ की त्रस्त जनता के जले पर नमक छिड़कने जैसा है।
कांग्रेस कार्यकारिणी के गठन पर बोले- बीजेपी अपने गिरेबान में झांके, हमारे संगठन की चिंता न करे
कांग्रेस संगठन के भीतर नई प्रदेश कार्यकारिणी के गठन में हो रही देरी को लेकर भाजपा द्वारा की जा रही टीका-टिप्पणी पर भी दीपक बैज ने करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा को कांग्रेस के आंतरिक मामलों में दखल देने या चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। कांग्रेस अपने वरिष्ठ नेताओं और आलाकमान से चर्चा करके बहुत जल्द एक मजबूत टीम का एलान कर देगी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा को पहले अपने संगठन के भीतर चल रही गुटबाजी को देखना चाहिए, जहां उनके वरिष्ठ नेता रामविचार नेताम को कार्यसमिति की बैठक से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। इसके अलावा भाजपा के शासन में अब तक कई महत्वपूर्ण निगम-मंडलों में नियुक्तियां लटकी हुई हैं और उनके कार्यकर्ता चिलचिलाती धूप में मेहनत करने के बाद भी केवल नियुक्तियों का इंतजार ही कर रहे हैं।



