
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ में इस साल राष्ट्रीय युवा दिवस पर एक अभूतपूर्व उपलब्धि अपने नाम करने जा रहा है। बिलासपुर शहर में स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर 12 जनवरी को यहां के पुलिस ग्राउंड में एक साथ 1500 से अधिक स्कूली बच्चे स्वामी जी की पारंपरिक वेशभूषा में नजर आएंगे। डिप्टी सीएम अरुण साव ने बताया कि खेल एवं युवा कल्याण विभाग इस अनूठे प्रदर्शन के जरिए एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित करने की तैयारी में है। ये सभी बच्चे एक साथ मिलकर ‘वंदे मातरम’ का गायन करेंगे, जो न केवल देखने में मनमोहक होगा बल्कि राष्ट्रभक्ति का एक बड़ा संदेश भी देगा। इस भव्य दृश्य को देखने के लिए शहर में खास उत्साह देखा जा रहा है।
5500 स्क्वायर फीट की रंगोली और नशा मुक्ति का संकल्प: मैदान में उकेरी जा रही स्वामी जी की आकृति, हजारों छात्र लेंगे शपथ
आयोजन स्थल पर केवल वेशभूषा ही नहीं बल्कि कला का भी बेजोड़ नमूना दिखेगा। पुलिस ग्राउंड में कलाकारों की टीम 5500 स्क्वायर फीट से भी बड़ी विशाल रंगोली बना रही है, जिसमें स्वामी विवेकानंद के ओजस्वी व्यक्तित्व को उकेरा जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान 1500 स्कूली बच्चे सामूहिक रूप से नशा न करने की शपथ भी लेंगे। सरकार का मकसद इस आयोजन के जरिए युवाओं को नशाखोरी जैसी बुराइयों से दूर रहने और स्वामी जी के सिद्धांतों को अपने जीवन में उतारने के लिए प्रेरित करना है। इसके साथ ही कंपनी गार्डन में स्वामी विवेकानंद के जीवन पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
प्रतिभाशाली युवाओं को मिलेगा ‘युवा रत्न अवार्ड’: खेल विभाग करेगा राज्य स्तरीय सम्मान, प्रदेश भर में होगी स्वदेशी दौड़
राष्ट्रीय युवा दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के होनहार युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए ‘युवा रत्न अवार्ड’ प्रदान करेगी। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा चयनित इन युवाओं को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया जाएगा। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के अलग-अलग जिलों में ‘स्वदेशी दौड़’ का भी आयोजन होगा, जिसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल होकर स्वास्थ्य और राष्ट्रवाद का संदेश देंगे। बिलासपुर इस पूरे उत्सव का मुख्य केंद्र रहेगा और यहां की गतिविधियों पर देश भर की नजरें टिकी होंगी।
जानिए क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय युवा दिवस: विवेकानंद के विचारों से नई पीढ़ी को जोड़ने की कोशिश, 1984 में हुई थी घोषणा
भारत सरकार ने 1984 में स्वामी विवेकानंद की जयंती को ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के रूप में मनाने का फैसला लिया था। स्वामी जी मानते थे कि युवा शक्ति ही वह आधार है जो भारत को दोबारा विश्व गुरु बना सकती है। उनके विचार आज भी नई पीढ़ी को चरित्र निर्माण और निस्वार्थ सेवा के लिए प्रेरित करते हैं। हर साल 12 जनवरी को देशभर के स्कूलों और कॉलेजों में सांस्कृतिक और शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। छत्तीसगढ़ में इस बार का आयोजन न केवल विवेकानंद के आदर्शों को याद करने का जरिया है, बल्कि राज्य की कला और युवा शक्ति को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने की एक बड़ी पहल भी है।



