छत्तीसगढ़ में अनोखी शादी: कोंडागांव में एक दूल्हे ने दो दुल्हनों के साथ लिए फेरे, रजामंदी से संपन्न हुआ विवाह

छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले से शादी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां विश्रामपुरी थाना क्षेत्र के ग्राम कोसमी में एक युवक ने एक ही मंडप में दो युवतियों के साथ सात फेरे लिए। इस विवाह की सबसे खास बात यह रही कि इसमें दूल्हा और दोनों दुल्हनों के परिवारों के साथ-साथ पूरे समाज की सहमति शामिल थी। किशोर कुमार नेताम नाम के इस युवक ने पारंपरिक गोंडवाना रीति-रिवाज के साथ पूनम और कविता नाम की दो युवतियों को अपनी जीवनसंगिनी बनाया। अब ये तीनों एक ही घर में साथ रहेंगे।

प्रेम त्रिकोण का अनोखा अंत: जब शादी के मंडप तक पहुंची बात

इस अनोखे विवाह की पटकथा युवक के पुराने प्रेम प्रसंगों से जुड़ी है। बताया जा रहा है कि किशोर का गांव की ही पूनम और 15 किलोमीटर दूर मारंगपुरी की रहने वाली कविता, दोनों के साथ काफी समय से संबंध था। जब किशोर ने पूनम से शादी करने का फैसला किया, तो कविता ने इस पर अपनी आपत्ति जताई और किशोर के सामने खुद से भी शादी करने का प्रस्ताव रख दिया। किशोर ने किसी एक को चुनने के बजाय दोनों को अपनाने का फैसला किया। पेचीदा स्थिति को देखते हुए परिजनों ने भी इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया।

एक हफ्ते का बच्चा भी बना गवाह: मारंगपुरी की कविता ने हाल ही में दिया जन्म

शादी की रस्मों के बीच एक भावुक कर देने वाली जानकारी भी सामने आई। मारंगपुरी की दुल्हन कविता ने विवाह से महज एक सप्ताह पहले ही एक बच्चे को जन्म दिया है। बच्चे का अभी नामकरण संस्कार भी नहीं हो पाया था कि किशोर ने जिम्मेदारी निभाते हुए कविता को पत्नी का दर्जा देने का निर्णय लिया। समाज के बुजुर्गों और रिश्तेदारों के बीच हुई चर्चा में यह तय हुआ कि बच्चों और महिलाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए यह साझा विवाह ही सबसे बेहतर विकल्प है।

सामाजिक सहमति और पारंपरिक रीति-रिवाज: गांव वालों ने भी दिया आशीर्वाद

शुरुआत में इस दोहरी शादी को लेकर गांव के कुछ लोगों ने आपत्ति जताई थी, लेकिन परिस्थितियों की गंभीरता को समझते हुए बाद में सभी एकमत हो गए। सरपंच वीर सिंह नेताम के अनुसार, गोंडवाना संस्कृति और स्थानीय परंपराओं का पालन करते हुए पूरे विधि-विधान से यह शादी संपन्न कराई गई। विवाह समारोह में तीनों परिवारों के सदस्य और ग्रामीण भारी संख्या में शामिल हुए। सभी ने नवदंपति को सुखी जीवन का आशीर्वाद दिया, जिससे यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।

विवादों के बीच जिम्मेदारी की मिसाल: कानूनी और सामाजिक पहलुओं पर चर्चा

हालांकि कानूनन एक समय पर दो शादियां करना कई पेचीदगियों भरा हो सकता है, लेकिन आदिवासी अंचलों में सामाजिक रजामंदी और परंपराओं को अक्सर प्राथमिकता दी जाती है। किशोर कुमार का कहना है कि उन्होंने किसी का दिल दुखाने के बजाय दोनों की जिम्मेदारी उठाने का संकल्प लिया है। गांव के जानकार इस शादी को एक जिम्मेदारी भरे फैसले के रूप में देख रहे हैं, जिससे किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो। फिलहाल तीनों की यह नई पारी सोशल मीडिया से लेकर जमीनी स्तर तक खूब सुर्खियां बटोर रही है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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