
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में सोमवार की सुबह गहमागहमी भरी रही। रेलवे प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए बस स्टैंड और सिहावा चौक के बीच बनी अवैध दुकानों पर बुलडोजर चला दिया। रेलवे की इस अचानक हुई कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और व्यापारियों में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। प्रशासन का कहना है कि यह जमीन रेलवे की है और बार-बार नोटिस दिए जाने के बाद भी इसे खाली नहीं किया जा रहा था, जिसके चलते सोमवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में यह अभियान चलाया गया।
खत्म हुई अल्टीमेटम की घड़ी: नोटिस के बाद भी नहीं हटे थे कब्जाधारी
रेलवे विभाग ने अतिक्रमणकारियों को स्वेच्छा से जगह खाली करने के लिए 6 अप्रैल तक का अंतिम समय दिया था। विभाग का दावा है कि समय सीमा समाप्त होने के बावजूद कब्जाधारियों ने अपनी दुकानें और निर्माण कार्य नहीं हटाए। इसी के परिणामस्वरूप सोमवार सुबह रेलवे की टीम मशीनों और सुरक्षाकर्मियों के साथ मौके पर पहुंची। कार्रवाई की शुरुआत होते ही सात दुकानों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया। मौके पर किसी भी तरह के विरोध या हंगामे से निपटने के लिए रेलवे पुलिस के साथ स्थानीय नगर निगम की टीम भी तैनात रही।

विधायक का विरोध: वैध दुकानों को तोड़ने का लगाया आरोप
जैसे ही बुलडोजर चलने की खबर फैली, धमतरी विधायक मौके पर पहुंच गए और उन्होंने इस अभियान का पुरजोर विरोध किया। विधायक का तर्क है कि प्रशासन को उन दुकानदारों पर नरमी बरतनी चाहिए जिनके पास वैध दस्तावेज मौजूद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि रेलवे प्रशासन बिना ठीक से कागजों की जांच किए ही कार्रवाई कर रहा है। विधायक ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से मांग की कि जिन लोगों के पास जमीन के अधिकार पत्र हैं, उन्हें कम से कम अपना सामान सुरक्षित निकालने और दूसरी व्यवस्था करने के लिए पर्याप्त मोहलत दी जानी चाहिए।
भारी पुलिस बल की तैनाती: सिहावा चौक पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
रेलवे की इस बड़ी कार्रवाई के दौरान सिहावा चौक से बस स्टैंड तक का रास्ता छावनी में तब्दील नजर आया। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए रेलवे अधिकारियों ने पहले से ही भारी पुलिस बल की मांग की थी। प्रशासन का कहना है कि रेलवे के विकास कार्यों और भविष्य की योजनाओं के लिए इस जमीन का खाली होना बेहद जरूरी है। वहीं दूसरी ओर, प्रभावित दुकानदारों का कहना है कि वे सालों से यहां व्यापार कर रहे हैं और अचानक इस तरह की कार्रवाई से उनकी रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है।
निगम और रेलवे की संयुक्त टीम: अतिक्रमण मुक्त होगा बस स्टैंड मार्ग
धमतरी बस स्टैंड के पास का यह इलाका यातायात के लिहाज से काफी व्यस्त रहता है। रेलवे के साथ नगर निगम की टीम भी इस अभियान में सहयोग कर रही है ताकि सड़क किनारे हुए अतिक्रमण को पूरी तरह साफ किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जिन दुकानों को चिह्नित किया गया है, वे सभी रेलवे की सीमा के भीतर आती हैं। बुलडोजर चलने के बाद अब मलबे को हटाने का काम भी शुरू कर दिया गया है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में जिले के अन्य हिस्सों में भी रेलवे की जमीन पर हुए कब्जों को हटाया जाएगा।

व्यापारियों की मांग: पुनर्वास के लिए सरकार से लगाई गुहार
बुलडोजर की कार्रवाई के बाद प्रभावित व्यापारियों में गहरा रोष है। कई दुकानदारों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उन्हें व्यापार करने के लिए वैकल्पिक जगह उपलब्ध कराई जाए। उनका कहना है कि अचानक दुकान टूटने से उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। हालांकि, रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी जमीन पर किया गया निर्माण गैरकानूनी है और नियमों के तहत ही यह कार्रवाई की जा रही है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या विधायक के हस्तक्षेप के बाद शेष दुकानों को कुछ समय की राहत मिल पाएगी या बुलडोजर अभियान जारी रहेगा।



