आयुष्मान योजना के क्लेम में बड़ा फर्जीवाड़ा, रायपुर के दो अस्पतालों का पंजीयन निरस्त

Raipur Ayushman Fraud Hospital License Cancelled: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी मरीजों के नाम पर क्लेम भुनाने के आरोप में दो निजी अस्पतालों का पंजीयन निरस्त कर दिया है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद स्वास्थ्य विभाग की विशेष जांच टीम ने अस्पतालों में दबिश दी थी। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद नर्सिंग होम एक्ट के तहत मेड लाइफ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल और लोटस हॉस्पिटल एडवांस्ड यूरोलॉजी सेंटर का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है।

फर्जी मरीज भर्ती और कमीशनखोरी के खेल की हुई पुष्टि

CG Ayushman Yojana Fraud Investigation: स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी डायरेक्टर इंद्रजीत बर्मन के अनुसार आयुष्मान योजना में गड़बड़ी की लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इसके बाद एक विशेष जांच कमेटी का गठन किया गया था। जांच दल ने जब अस्पतालों के दस्तावेजों, भर्ती मरीजों और क्लेम की फाइल खंगाली, तो फर्जी मरीज भर्ती दिखाने और बिचौलियों के माध्यम से कमीशनखोरी का खेल सामने आया। रिपोर्ट में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद विभाग ने दोनों अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन कैंसिल करने का कड़ा कदम उठाया है।

रायपुर के कई बड़े निजी अस्पतालों में चली स्वास्थ्य विभाग की जांच

CG Health Department Action: स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम ने रायपुर के कई प्रमुख अस्पतालों में एक साथ कार्रवाई की थी। अधिकारियों ने श्री अनंत साईं हॉस्पिटल, श्री महावीर अस्पताल-मोवा, वरदान हॉस्पिटल, मेड लाइफ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, लोटस हॉस्पिटल एडवांस्ड यूरोलॉजी सेंटर और रावतपुरा सरकार हॉस्पिटल में दबिश देकर आयुष्मान कार्ड के तहत भर्ती दिखाए गए मरीजों के रिकॉर्ड का मिलान किया था। इस दौरान बिलिंग, भर्ती के समय और इलाज से जुड़े तकनीकी दस्तावेजों की गहराई से पड़ताल की गई, जिसके बाद दो अस्पतालों पर सीधी गाज गिरी।

प्रदेश भर के 17 अस्पतालों के दस्तावेजों की हो रही पड़ताल

CG Ayushman Scheme Fraud Raid: रायपुर में हुई कार्रवाई के अलावा राज्य भर के 17 अन्य निजी और ट्रस्ट अस्पतालों में भी आयुष्मान योजना से जुड़ी फाइलों की जांच की जा रही है। जांच सूची में रायपुर के साथ-साथ बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, कबीरधाम, कोंडागांव, कोरबा और सरगुजा जिलों के अस्पताल शामिल हैं। इन सभी केंद्रों पर भर्ती प्रक्रियाओं की सत्यता और क्लेम राशि के भुगतान की पारदर्शिता की जांच की जा रही है।

जिलाजांच के दायरे में शामिल प्रमुख अस्पताल
रायपुरश्री अनंत साईं, श्री महावीर, श्रीनिवास, SK केयर, विजन सेंटर, SRIMSR, वरदान
बिलासपुरअशोक प्रसूति मंदिर, केयर एन क्योर मल्टी-स्पेशियलिटी, मेहता चिल्ड्रन नर्सिंग होम
दुर्गश्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, पल्स हॉस्पिटल
अन्य जिलेSCH (बस्तर), जय जगन्नाथ (कबीरधाम), नेताम हॉस्पिटल (कोंडागांव), हरि कृष्णा (कोरबा), DHT केयर (सरगुजा)

Also Read: मायोपिया का शिकार हो रहे 5 लाख स्कूली बच्चे, स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर, देखें जिलावार आकंड़े

दक्षिण कोसल का Whatsapp Group ज्वाइन करे

Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

Related Articles

Back to top button