
रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह क्रिकेट स्टेडियम में आईपीएल 2026 के दो बड़े मुकाबलों के लिए टिकटों की बिक्री रविवार से शुरू हो गई है. ये मैच 10 और 13 मई को खेले जाएंगे, जिसमें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का मुकाबला मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स से होगा. हालांकि, इस बार टिकटों की न्यूनतम कीमत 3150 रुपये प्लस जीएसटी रखी गई है, जिसे लेकर क्रिकेट प्रेमियों के बीच काफी नाराजगी देखी जा रही है.
अन्य शहरों की तुलना में रायपुर में महंगी हुई क्रिकेट की दीवानगी
अगर जयपुर और चंडीगढ़ जैसे शहरों की बात करें, तो वहां आईपीएल मैचों की शुरुआती टिकटें महज 1800 रुपये से मिल रही थीं. इसकी तुलना में रायपुर में टिकट की कीमतें लगभग दोगुनी रखी गई हैं. छत्तीसगढ़ के दर्शकों का कहना है कि स्टार खिलाड़ियों को देखने की चाहत का फायदा उठाकर फ्रेंचाइजी उनसे ज्यादा पैसे वसूल रही है. इस भारी अंतर के कारण सोशल मीडिया पर भी फैंस का असंतोष साफ नजर आ रहा है.
स्टार खिलाड़ियों की लोकप्रियता से रेवेन्यू जुटाने की रणनीति
मैच में विराट कोहली, रोहित शर्मा और हार्दिक पंड्या जैसे बड़े नाम शामिल होने के कारण फ्रेंचाइजी ने ऊंची कीमतें रखने की चाल चली है. इन सितारों की जबरदस्त फैन फॉलोइंग को देखते हुए आरसीबी ने अधिक कमाई करने के लिए टिकट के दाम बढ़ाए हैं. रायपुर में क्रिकेट की दीवानगी और बड़े खिलाड़ियों की मौजूदगी को फ्रेंचाइजी ने मुनाफे का जरिया बना लिया है, जिससे आम दर्शकों की जेब पर सीधा बोझ पड़ रहा है.
छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ का घटा प्रभाव और फ्रेंचाइजी का कंट्रोल
टिकट वितरण और स्टेडियम के प्रबंधन में छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ की भूमिका इस बार काफी सीमित कर दी गई है. सूत्रों की मानें तो पूरे स्टेडियम का नियंत्रण अब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने अपने हाथ में ले लिया है और स्थानीय संघ को इस प्रक्रिया से लगभग बाहर कर दिया गया है. स्थानीय क्रिकेट संघ की भूमिका कम होने की वजह से टिकटों के वितरण में स्थानीय लोगों की पहुंच कठिन हो गई है और पूरी व्यवस्था फ्रेंचाइजी के अनुसार ही चल रही है.
महज 15 मिनट में बंद हुआ ऑनलाइन पोर्टल और बुकिंग की दिक्कतें
ऑनलाइन टिकटों की बिक्री रविवार दोपहर 3:15 बजे शुरू हुई थी, लेकिन महज 15 मिनट बाद ही पोर्टल को बंद कर दिया गया. बड़ी संख्या में लोग टिकट बुक करने की कोशिश करते रहे, लेकिन उन्हें तकनीकी दिक्कतों और पोर्टल बंद होने से निराशा हाथ लगी. पोर्टल पर शुरुआती कीमत 2500 रुपये दिखाई जा रही थी, लेकिन बुकिंग के दौरान उस श्रेणी के टिकट उपलब्ध ही नहीं मिले. इस अफरा-तफरी ने पूरी टिकट बिक्री प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
टॉपर छात्रों को मिलेगा मैच देखने का खास तोहफा
महंगे टिकटों के विवाद के बीच मेधावी छात्रों के लिए एक अच्छी खबर भी है. लोक शिक्षण संचालनालय ने आदेश जारी किया है कि 10वीं और 12वीं की मेरिट सूची में आने वाले छात्रों को 10 मई का मैच स्टेडियम में बैठकर देखने का मौका दिया जाएगा. इन छात्रों को 10 मई की सुबह 10 बजे एससीईआरटी रायपुर बुलाया गया है. सरकार इन छात्रों के आने-जाने और भोजन की पूरी व्यवस्था खुद करेगी ताकि वे अपनी शैक्षणिक उपलब्धि के इनाम के तौर पर इस खेल का आनंद ले सकें.
फ्रेंचाइजी की रणनीति में स्पष्टता की कमी से उपजा संकट
सूत्रों के मुताबिक, फ्रेंचाइजी अब तक टिकट की कीमतों और उनके वितरण को लेकर कोई ठोस या स्पष्ट रणनीति तय नहीं कर पाई है. यही मुख्य वजह मानी जा रही है कि ऑनलाइन पोर्टल को आनन-फानन में खोलकर बहुत जल्दी बंद करना पड़ा. टिकट की कीमतों में असमंजस और वितरण के मुद्दों का अब तक समाधान नहीं हो पाया है, जिससे मैच देखने का बेसब्री से इंतजार कर रहे दर्शकों में निराशा का माहौल बना हुआ है.



