
Ambikapur Youth Congress: युवा कांग्रेस की एक चौंकाने वाली घटना ने सरगुजा मुख्यालय अंबिकापुर में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के शहर आगमन और आधिकारिक कार्यक्रम से ठीक पहले युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा का अनावरण कर दिया। रात के सन्नाटे में कांग्रेसियों ने प्रतिमा पर नारियल फोड़ा और माल्यार्पण कर प्रतीकात्मक लोकार्पण कर दिया। जबकि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, आज खुद मुख्यमंत्री को इस प्रतिमा का अनावरण करना था। इस अचानक हुई घटना के बाद पुलिस और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।
प्रतिमा की अनदेखी और अपमान का आरोप
युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष विकल झा ने इस कदम के पीछे नगर निगम और प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाया है। अनावरण से पहले जारी अपने बयान में उन्होंने कहा कि नगर निगम प्रशासन भाजपा नेता स्वर्गीय रविशंकर त्रिपाठी की प्रतिमा के लिए तो भव्य सजावट और तैयारियां कर रहा है, लेकिन देश के महान शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा की अनदेखी की जा रही है। कांग्रेस का आरोप है कि शहीद के प्रतिमा स्थल पर कोई तैयारी न करना उनका अपमान है, जिसे देखते हुए उन्होंने खुद ही यह पहल की।
आधिकारिक कार्यक्रम और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के आज के दौरे में दो प्रमुख प्रतिमाओं का अनावरण शामिल है। इसमें एक शहीद चंद्रशेखर आजाद की है और दूसरी भाजपा नेता स्वर्गीय रविशंकर त्रिपाठी की। रात में हुई इस घटना की जानकारी मिलते ही सुबह अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रतिमा को दोबारा ढका गया। प्रशासन अब मुख्यमंत्री के हाथों गरिमापूर्ण तरीके से लोकार्पण कराने की तैयारी में जुटा है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग को तेज कर दिया है।
टीएस सिंहदेव के समर्थक पर एफआईआर की तैयारी
घटना के केंद्र में रहे युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष विकल झा को पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव का करीबी माना जाता है। रात में बिना अनुमति के सरकारी संपत्ति और सार्वजनिक स्थल पर इस तरह की गतिविधि करने को लेकर प्रशासन सख्त रुख अपना रहा है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस प्रशासन विकल झा और उनके साथियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने और नियमों के उल्लंघन के मामले में एफआईआर दर्ज करने की तैयारी कर रहा है।
सियासी पारा चढ़ा, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मुख्यमंत्री के दौरे से ऐन पहले हुई इस हरकत ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है। प्रशासन अब यह सुनिश्चित कर रहा है कि सीएम के आधिकारिक कार्यक्रम में किसी भी तरह का व्यवधान न आए। वहीं भाजपा नेताओं ने इसे कांग्रेस की घटिया राजनीति करार दिया है। फिलहाल शहर में चर्चा है कि क्या इस विरोध के बाद प्रशासन शहीद आजाद की प्रतिमा स्थल पर व्यवस्थाओं में कुछ बदलाव करेगा या नहीं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा सकता है।



