
HIV Infection: छत्तीसगढ़ में HIV संक्रमण के हैरान करने वाले आँकड़े रायगढ़ जिले से सामने आए हैं, जिसने जन जागरूकता अभियान और सरकारी योजनाओं की सजगता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले में साल 2017 से 2025 तक के 9 सालों में अब तक 443 लोग एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें 35 नाबालिग, 22 गर्भवती महिलाएं, 120 से अधिक नवयुवा और 250 से अधिक 25 से अधिक उम्र के महिला और पुरुष शामिल हैं, जिनका इलाज रायगढ़ के केजीएच एआरटी सेंटर में चल रहा है।
इस साल के 6 महीने में 76 नए केस, 8 सालों का टूटा रिकॉर्ड
आँकड़ों का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि संक्रमण का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। सिर्फ इस साल के 6 महीने में ही 76 नए मरीज सामने आए हैं, जो बीते 8 सालों के रिकॉर्ड को तोड़ चुके हैं।
बीते वर्षों में HIV मरीजों का ग्राफ:
- 2017: 40 केस
- 2023: 69 केस
- 2024-25 (6 माह): 76 केस (अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा)
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, अब हर बीमारी की जाँच में एचआईवी टेस्ट अनिवार्य कर दिया गया है ताकि संक्रमण का शुरुआती दौर में पता चल सके। हालांकि, कई लोग सोशल स्टिग्मा और पहचान उजागर होने के डर से सरकारी केंद्रों के बजाय प्राइवेट क्लीनिकों में टेस्ट कराते हैं, जिससे असली आंकड़े सामने नहीं आ पाते।
गर्भवती महिलाओं में संक्रमण और जागरूकता की कमी
रायगढ़ में 9 साल में 36,000 से अधिक गर्भवती महिलाओं का एचआईवी टेस्ट किया गया, जिसमें 22 गर्भवती महिलाएं पॉजिटिव निकली हैं। इन सभी का इलाज एआरटी सेंटर में जारी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि असुरक्षित यौन संबंध, जागरूकता की कमी और लापरवाही इस संक्रमण के प्रमुख कारण हैं। कई युवा आधुनिक जीवनशैली की आड़ में इस बीमारी के शिकार हो रहे हैं।
वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी कहते हैं कि एचआईवी से डरने की नहीं, समझने की जरूरत है। सुरक्षित जीवनशैली और नियमित जाँच ही इस बीमारी से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है, खासकर तब जब शुरुआती लक्षण जैसे बुखार, गले में खराश या थकान बार-बार महसूस हो। सरकार हर साल जागरूकता अभियान चलाती है, लेकिन लोगों की लापरवाही और समाज में फैले डर के कारण संक्रमण की रफ्तार कम नहीं हो रही है।



