New Year Guidelines: नए साल के जश्न पर पहरा: रात इतने बजे तक ही चलेगी पार्टी, हुड़दंगियों के खिलाफ SSP का ‘एक्शन प्लान’ तैयार

रायपुर: नए साल की पूर्व संध्या पर राजधानी में शांति बनाए रखने के लिए रायपुर पुलिस ने सख्त गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। एसएसपी लाल उमेद सिंह ने शहर के होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और फार्म हाउस संचालकों की आपात बैठक बुलाकर कड़ा संदेश दिया है। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि 31 दिसंबर की रात सभी आयोजन अनिवार्य रूप से 12.30 बजे तक बंद करने होंगे। किसी भी संस्थान को समय सीमा का उल्लंघन करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। साथ ही, आयोजन स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य कर दिया गया है ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। एसएसपी ने साफ किया है कि नियमों की अनदेखी करने वाले संचालकों पर सीधे कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर उनके लाइसेंस भी रद्द किए जा सकते हैं।

डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध और पार्किंग के कड़े नियम: रात 10 बजे के बाद शोर पर पाबंदी

पुलिस प्रशासन ने कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए इस बार डीजे को पूरी तरह प्रतिबंधित रखा है। रात 10 बजे के बाद किसी भी तरह का साउंड सिस्टम बजाने पर रोक रहेगी। इसके अलावा, किसी भी बड़े कार्यक्रम के लिए पहले से अनुमति लेना जरूरी होगा, जिसमें मेहमानों की संख्या और सेलेब्रिटी की मौजूदगी जैसी जानकारियां देनी होंगी। आयोजन स्थलों के बाहर पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी पुलिस सख्त है। मुख्य सड़क या सर्विस रोड पर गाड़ियों की कतारें मिलने पर जुर्माना लगाया जाएगा। होटल और बार संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सुरक्षा के लिए निजी गार्ड्स की तैनाती करें ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को तुरंत संभाला जा सके।

ड्रिंक एंड ड्राइव पर जीरो टॉलरेंस: शराब पीकर गाड़ी चलाई तो सीधे पहुंचेंगे जेल

31 दिसंबर की रात शहर की सड़कों पर पुलिस का कड़ा पहरा रहेगा। विशेष रूप से वीआईपी रोड और अन्य प्रमुख चौराहों पर चेकिंग पॉइंट्स लगाए जाएंगे। ब्रेथ एनालाइजर के जरिए उन वाहन चालकों की जांच की जाएगी जो शराब पीकर गाड़ी चला रहे हैं। पुलिस ने चेताया है कि नशे में ड्राइविंग करने वालों को रात भर हवालात की हवा खानी पड़ सकती है। इसके साथ ही, बिना लाइसेंस के शराब परोसने या सार्वजनिक स्थानों और कारों के अंदर शराब पिलाने पर आबकारी एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई होगी। एसएसपी ने कहा कि जश्न मनाने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन इसे नियमों के दायरे में रहकर ही मनाया जाना चाहिए ताकि शहर की सुरक्षा और शांति भंग न हो।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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