Rajnandgaon False Pregnancy Kit Controversy: स्वास्थ्य विभाग की शर्मनाक लापरवाही: किट से जांच कर नाबालिग को बताया गर्भवती

Rajnandgaon False Pregnancy Kit Controversy: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले से सरकारी तंत्र की घोर संवेदनहीनता और लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है. यहां स्वास्थ्य विभाग की एक बड़ी चूक की वजह से एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की को गलत रिपोर्ट देकर गर्भवती घोषित कर दिया गया. मामला उजागर होने के बाद जहां स्वास्थ्य विभाग जिलेभर से खराब किट वापस मंगा रहा है.

मासिक धर्म की दिक्कत लेकर अस्पताल पहुंची थी नाबालिग, गलत रिपोर्ट से परिवार हैरान

पूरा मामला राजनांदगांव जिले के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है. यहां एक 14 साल की नाबालिग बच्ची को उसके परिजन मासिक धर्म की समस्या के इलाज के लिए लेकर पहुंचे थे. अस्पताल के लैब तकनीशियन ने बच्ची का यूरिन टेस्ट किया और इस जांच के आधार पर उसे दो महीने की गर्भवती घोषित कर दिया. इस रिपोर्ट को देखते ही डॉक्टरों और परिजनों के होश उड़ गए. बाद में जब उच्च अधिकारियों की देखरेख में बच्ची की दोबारा निष्पक्ष जांच कराई गई, तो प्रेगनेंसी रिपोर्ट पूरी तरह से नेगेटिव निकली. इस खुलासे ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को पूरी तरह कठघरे में खड़ा कर दिया है.

प्रतिष्ठित कंपनी की जगह स्थानीय स्तर पर खरीदी गई थी घटिया किट, जिलेभर से स्टॉक वापस मंगाने के निर्देश

इस बड़ी लापरवाही के सामने आने के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. नेत्रराम नवरतन ने विभागीय चूक को स्वीकार किया है. उन्होंने बताया कि अस्पताल में उपयोग की गई जांच किट किसी प्रतिष्ठित और मान्यता प्राप्त कंपनी की नहीं थी, बल्कि उसे स्थानीय स्तर पर खरीदा गया था. लोकल किट के कारण ही जांच रिपोर्ट गलत आई थी. सीएमएचओ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जांच दल का गठन किया है और पूरे जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों से इस घटिया किट के स्टॉक को तुरंत वापस मंगाने के कड़े निर्देश जारी किए हैं.

गलत रिपोर्ट के कारण पूरे परिवार को झेलनी पड़ी असहनीय मानसिक और सामाजिक प्रताड़ना

अस्पताल की इस एक गैर-जिम्मेदाराना रिपोर्ट ने पीड़ित नाबालिग लड़की और उसके सीधे-साधे परिवार को समाज में कहीं का नहीं छोड़ा. रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद पूरे गांव और आसपास के इलाके में परिवार को भारी बदनामी और असहनीय मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी. लोग पीड़ित परिवार को हीन भावना से देखने लगे. इस मानसिक आघात के कारण बच्ची और उसके माता-पिता पूरी तरह टूट चुके थे. बाद में रिपोर्ट के झूठी साबित होने पर भी समाज में लगी इस मानसिक ठेस की भरपाई कर पाना परिवार के लिए बहुत मुश्किल साबित हो रहा है.

Also Read: Mungeli Health Dept Negligence: छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही, सड़क किनारे लावारिस मिलीं सरकारी दवाइयां

दक्षिण कोसल का Whatsapp Group ज्वाइन करे

Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

Related Articles

Back to top button