रसोइयों पर FIR से गरमाया माहौल: रायपुर में 600 प्रदर्शनकारियों पर केस दर्ज, 34 दिनों से जारी है हड़ताल

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पिछले एक महीने से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे रसोइया संघ की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस ने अभनपुर थाने में करीब 600 रसोइयों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इन पर प्रदर्शन के दौरान चक्काजाम करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप है। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई के बाद तूता धरना स्थल पर मौजूद रसोइयों में भारी आक्रोश है। रसोइयों का कहना है कि सरकार उनकी जायज मांगों को सुनने के बजाय कानूनी कार्रवाई के जरिए आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है।

तीन सूत्रीय मांगों पर अड़ा रसोइया संघ

प्रदेश के करीब 87 हजार रसोइया 29 दिसंबर 2025 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जिससे सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। रसोइया संघ की मुख्य मांग है कि उन्हें कलेक्टर दर पर मानदेय दिया जाए और सरकार ने मानदेय में 50 फीसदी बढ़ोतरी का जो वादा किया था उसे तुरंत लागू किया जाए। इसके अलावा वे मांग कर रहे हैं कि कम छात्र संख्या के बहाने रसोइयों की छंटनी बंद हो और अंशकालीन कर्मियों को पूर्णकालीन का दर्जा दिया जाए।

मौत की खबरों पर विभाग की सफाई

हड़ताल के बीच दो रसोइयों की मौत की खबर ने सोशल मीडिया पर खूब तूल पकड़ा, जिसे लेकर प्रशासन ने अपना पक्ष रखा है। लोक शिक्षण संचालनालय ने बयान जारी कर स्पष्ट किया कि धरना स्थल पर किसी भी रसोइये की मौत नहीं हुई है। विभाग ने इन खबरों को पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन करार देते हुए कहा कि कुछ ऑनलाइन चैनलों द्वारा फैलाई जा रही यह जानकारी गलत है। फिलहाल रसोइया संघ अपनी मांगों को लेकर डटा हुआ है और आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज करने की चेतावनी दी है।

Also Read: VIDEO: भू-माफिया बसंत अग्रवाल का आतंक: किसानों के खेत का रास्ता दीवार बनाकर किया बंद, कांग्रेस ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

दक्षिण कोसल का Whatsapp Group ज्वाइन करे

Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

Related Articles

Back to top button