
बलौदा बाजार: छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले में स्थित सोनाखान अब सचमुच अपने नाम के अनुरूप ‘सोने की खान’ बन गया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की पहली गोल्ड माइंस ‘सोनाखान’ की नीलामी पूरी करने के बाद इसे मेसर्स वेदांता लिमिटेड को सौंप दिया है। कंपनी ने अब विधिवत भूमिपूजन के बाद खदान में खुदाई का काम शुरू कर दिया है।
वेदांता ने हासिल की खदान, देश की चौथी सक्रिय खान
राज्य सरकार ने बाघमारा (सोनाखान) गोल्ड माइंस की ई-नीलामी पूरी की, जिसमें वेदांता लिमिटेड ने आईबीएम विक्रय मूल्य 74,712 रुपये प्रति ट्राय ऑन्ज का 12.55% बोली लगाकर यह खदान अपने नाम की है। भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण संगठन (GSI) ने 1983 से 1991 के बीच यहाँ सर्वे कर सोने की मौजूदगी की पुष्टि की थी, जिसके बाद 2015 में इसे कमर्शियल माइनिंग के योग्य घोषित किया गया था। अब इसके शुरू होते ही सोनाखान देश की चौथी सक्रिय सोने की खदान बन जाएगी। इस बीच, वेदांता कंपनी के अधिकारियों ने बुधवार को भूमिपूजन करने के बाद जमीन की टेस्टिंग खुदाई शुरू कर दी है।
2700 किलो सोने का भंडार, करोड़ों की रॉयल्टी
यह छत्तीसगढ़ की एकमात्र स्वर्ण खदान है, जिससे राज्य सरकार को रॉयल्टी से करोड़ों रुपये की आय होगी। बलौदाबाजार जिले के बाघमारा (सोनाखान) में स्थित यह खदान 608 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली हुई है। भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, खदान में लगभग 2700 किलोग्राम (2.7 टन) सोने का भंडार मौजूद है। यह भी अनुमान है कि ऊपरी सतह पर ही लगभग 500 किलोग्राम (0.5 टन) सोना मौजूद है। वेदांता द्वारा खुदाई शुरू करने से छत्तीसगढ़ को जल्द ही रॉयल्टी के माध्यम से बड़ी आय प्राप्त होने लगेगी।



