
रायपुर: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कांकेर लोकसभा क्षेत्र से निर्वाचित बीजेपी सांसद भोजराज नाग को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने उनके उस अंतरिम आवेदन को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने चुनाव याचिका को प्रथम दृष्टया निरस्त करने की मांग की थी। न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार व्यास ने 11 सितंबर को आदेश सुनाते हुए कहा कि याचिकाकर्ता ने मतगणना में हुई कथित अनियमितताओं के पर्याप्त तथ्य प्रस्तुत किए हैं, इसलिए मामला मेरिट पर सुनवाई योग्य है।

क्या है पूरा मामला?
कांकेर निवासी बिरेश ठाकुर ने 18 जुलाई 2024 को भोजराज नाग के चुनाव को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। याचिका में 2024 लोकसभा चुनाव परिणाम को रद्द करने, कई बूथों की पुनः मतगणना और 15 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान की मांग की गई है। ठाकुर का आरोप है कि EVM में गड़बड़ी, डेटा ट्रांसमिशन में देरी और वोटों की गिनती में गंभीर अनियमितताएं हुईं।

सांसद की दलील और कोर्ट का रुख
भोजराज नाग ने दलील दी थी कि याचिका में भ्रष्ट आचरण का कोई ठोस आरोप नहीं है और यह जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 81, 82 और 83 का उल्लंघन करती है। साथ ही कहा गया कि चुनाव आयोग को पक्षकार नहीं बनाया गया, जिससे याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। इसके अलावा याचिका वकील के जरिए दाखिल की गई, जबकि कानून के मुताबिक उम्मीदवार को खुद दाखिल करना चाहिए।
हाईकोर्ट ने इन दलीलों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता द्वारा उठाए गए बिंदुओं पर विस्तृत सुनवाई आवश्यक है। अब मामले की अगली सुनवाई 3 नवंबर 2025 को होगी। उस समय अदालत याचिकाकर्ता के आरोपों और साक्ष्यों की जांच कर यह तय करेगी कि कांकेर लोकसभा चुनाव परिणाम बरकरार रहेगा या निरस्त किया जाएगा।
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