
कुरुद: शारदीय नवरात्रि के अवसर पर कुरुद नगर में इस वर्ष भी रास-गरबा डांडिया महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। परंपरा को जीवित रखते हुए गरबा परिवार समिति और श्रीराम जानकी महिला समिति द्वारा गुजरात से अनुभवी प्रशिक्षकों की टीम बुलाई गई है, जो स्थानीय प्रतिभागियों को गरबा की बारीकियाँ सिखाएंगे। इस आयोजन को लेकर नगर में विशेषकर युवाओं और महिलाओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

विधायक अजय चंद्राकर का विशेष योगदान
नगर में गरबा परंपरा शुरू कराने में विधायक अजय चन्द्राकर का विशेष योगदान रहा है। उन्हीं की प्रेरणा से पहले गरबा परिवार समिति और बाद में राम जानकी महिला समिति ने इसकी बागडोर संभाली। तब से प्रत्येक नवरात्र पर स्वामी विवेकानंद इंडोर स्टेडियम और चंद्राकर भवन में भव्य गरबा महोत्सव धूमधाम से आयोजित किया जाता है।
गुजरात से आएंगे काबिल प्रशिक्षक
इस बार गरबा प्रशिक्षण के लिए गुजरात से राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षक सन्नी गिल, रवि भारद्वाज, राहुल मारवाड़ी, रोहित राणा और मेहुल कुमार भिल अपनी टीम सहित कुरुद आएंगे। ये प्रशिक्षक 22 से 30 सितंबर तक होने वाले महोत्सव से पूर्व प्रतिभागियों को गरबा के विभिन्न स्टेप्स संगीतमय धुन के साथ सिखाएंगे।
प्रशिक्षण शिविर 14 से 20 सितंबर तक शाम 4 से 6 बजे तक चलेगा। शिविर का नेतृत्व सुप्रसिद्ध ट्रेनर पृथ्वीराज करेंगे। इच्छुक प्रतिभागी फार्म भरकर अपना स्थान सुरक्षित कर सकते हैं।
आयोजन की तैयारियाँ और नियमावली
आयोजन की रूपरेखा, प्रतिभागियों की नियमावली, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशिक्षण सत्रों की जिम्मेदारी समिति के विभिन्न सदस्यों को सौंपी गई है। हाल ही में हुई बैठक में पुष्पा तिवारी, प्रसन्न नायडू, कशिश जेठानी, प्रतिमा पिल्लै, वीणा खत्री, भारती सुंदरानी, रेखा तिवारी, सरोजनी नाग, संगीता श्रीवास्तव, सूरज देवांगन, दुर्गेश द्विवेदी और मनीष देवांगन ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम की रणनीति पर चर्चा की।
“गरबा मातृत्व और शक्ति का प्रतीक”
चंद्राकर भवन में आयोजित महोत्सव से जुड़ीं प्रतिभा-अजय चन्द्राकर और ज्योति-भानु चन्द्राकर ने बताया कि “गरबा संस्कृत के ‘गर्भ’ शब्द से लिया गया है, जिसका अर्थ मातृत्व और शक्ति का प्रतीक होता है। यह नृत्य माँ दुर्गा की उपासना और भारतीय संस्कृति की प्राचीन परंपरा का जीवंत रूप है।”
बेटियाँ और महिलाएँ दिखाएँगी प्रतिभा
आयोजन समिति से जुड़ीं नेहा चंद्राकर, सुरेखा, नमिता चन्द्राकर और रजनी साहू ने बताया कि इस बार महोत्सव को नए कलेवर में प्रस्तुत किया जाएगा। इसमें सर्व समाज की बेटियाँ, माताएँ और बहनें भाग लेकर न केवल अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी, बल्कि सामाजिक एकता और समरसता का संदेश भी देंगी।



