
Surguja Viral Video: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में नेशनल हाईवे-130 पर स्थित लहपटरा टोल नाके पर देर रात एक बड़ा विवाद हो गया। राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के काफिले की गाड़ी पर अचानक बूम बैरियर गिर गया। इसके बाद मंत्री के सुरक्षाकर्मियों और कर्मचारियों ने आपा खो दिया और टोलकर्मी के साथ मारपीट शुरू कर दी। घटना की पूरी वारदात वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर प्रसारित हो रहा है।
लहपटरा टोल नाके पर अचानक बूम बैरियर गिरने से मची अफरा-तफरी
Surguja Toll Plaza News: अंबिकापुर से बिलासपुर जाने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित लहपटरा टोल नाके से मंत्री का काफिला गुजर रहा था। काफिले की पहली गाड़ी तो आसानी से निकल गई, लेकिन जैसे ही दूसरी गाड़ी आगे बढ़ी, अचानक बूम बैरियर नीचे गिर गया। बैरियर सीधे वाहन पर आ गिरा, जिससे मौके पर हड़कंप मच गया और काफिले की गाड़ियां रुक गईं।
केबिन में घुसकर टोलकर्मी से की गई हाथापाई
Surguja News: बैरियर गिरते ही वाहन में सवार सुरक्षाकर्मी और मंत्री के स्टॉफ के सदस्य गुस्से में बाहर आए। वे सीधे टोल प्लाजा के कंट्रोल केबिन के अंदर दाखिल हुए और बैरियर ऑपरेट कर रहे कर्मचारी से बहस करने लगे। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि सुरक्षा में तैनात व्यक्ति ने कर्मचारी को लगातार थप्पड़ मारना शुरू कर दिया।
देखें वीडियो-
हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाता रहा पीड़ित टोल कर्मचारी
National Highway 130 Incident: टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि पीड़ित कर्मचारी बेहद डरा हुआ था। मारपीट के दौरान वह अपने बचाव के लिए सुरक्षाकर्मियों के सामने हाथ जोड़कर लगातार माफी मांगता रहा। इसके बावजूद गुस्साए व्यक्ति का दिल नहीं पसीजा और उसने कर्मचारी के साथ हाथापाई जारी रखी।
पीड़ित के समर्थन में थाने पहुंचे ग्रामीण, कार्रवाई की उठाई मांग
स्थानीय टोलकर्मी के साथ हुई इस मारपीट के बाद आसपास के ग्रामीणों और कर्मचारियों में गहरा असंतोष है। लहपटरा गांव के लोग पीड़ित कर्मचारी के साथ लखनपुर थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस को लिखित शिकायत देकर मारपीट करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
वीआईपी सुरक्षा में चूक और कानून हाथ में लेने पर उठे सवाल
वीआईपी मूवमेंट के दौरान टोल नाके पर अचानक बैरियर गिरना सुरक्षा के लिहाज से एक गंभीर लापरवाही माना जा रहा है। एक तरफ जहां टोल प्रबंधन की इस चूक पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ मंत्री के अमले द्वारा कानून अपने हाथ में लेकर कर्मचारी की पिटाई करने को लेकर भी विरोध दर्ज कराया जा रहा है।
शिकायत दर्ज कर मामले की बारीकी से जांच कर रही पुलिस
मामले में राज्य की मंत्री का नाम जुड़े होने के कारण विवाद काफी बढ़ गया है। लखनपुर थाना पुलिस ने प्राप्त शिकायत और वायरल फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि विवाद की असली वजह क्या थी और दोषियों पर नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
Also Read: अफीम खेती मामला: बिलासपुर हाईकोर्ट से बीजेपी नेता विनायक ताम्रकार को राहत, मिला जमानत



