
Headmaster Suspended: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के सेमरा गांव के सरकारी स्कूल में लापरवाही और गैरजिम्मेदारी का मामला सामने आया है। यहां के प्रधानपाठक को शिक्षा कार्य में रुचि न लेने और नियमित रूप से स्कूल न आने की शिकायतों के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है। ये फैसला तब आया जब अभिभावकों और ग्रामीणों ने स्कूल में ताला जड़कर विरोध किया और बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता जताई।
गांववालों ने स्कूल में जड़ा ताला, बोले– “शिक्षक पढ़ाने नहीं आते!”
गांव के पालकों और ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल का प्रधानपाठक न तो समय पर आता है, न ही बच्चों की पढ़ाई में कोई रुचि दिखाता है। स्थिति इतनी खराब हो गई कि अभिभावकों को स्कूल में ताला जड़ना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने यह भी कहा कि बच्चों का भविष्य दांव पर है, और किसी जिम्मेदार शिक्षक की तैनाती की मांग की।
जांच समिति पहुंची स्कूल, खुली परत दर परत लापरवाही की फाइल
शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए DEO ने दो सदस्यीय जांच समिति गठित की, जिसने स्कूल का निरीक्षण किया और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। जांच में पुष्टि हुई कि प्रधानपाठक की उपस्थिति बेहद अनियमित थी और उनके गैरजिम्मेदार रवैये के कारण स्कूल की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही थी। बच्चों की पढ़ाई तो जैसे भगवान भरोसे थी।
DEO ने लिया सख्त एक्शन, कहा– “बच्चों के भविष्य से नहीं होगा समझौता”
जांच रिपोर्ट मिलते ही DEO ने प्रधानपाठक को तत्काल निलंबित कर दिया। विभाग की तरफ से साफ कर दिया गया है कि शिक्षा के नाम पर लापरवाही और बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने वालों पर आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई होगी।



