Silver Import License DGFT Policy: सोने के बाद अब चांदी पर सरकार का बड़ा एक्शन: फ्री इंपोर्ट पर लगाई रोक, अब मनमर्जी से नहीं मंगा सकेंगे चांदी

Silver Import License DGFT Policy: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और लगातार महंगे होते जा रहे आयात बिल को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक और बड़ा आर्थिक कदम उठाया है। सरकार ने कुछ खास तरह के सिल्वर बार (चांदी की ईंटों) के आयात पर तत्काल प्रभाव से पूरी तरह पाबंदी लगा दी है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) की तरफ से जारी नए आदेश के मुताबिक, अब 99.9% शुद्धता वाले सिल्वर बार को ‘फ्री’ कैटेगरी से हटाकर रिस्ट्रिक्टेड यानी प्रतिबंधित श्रेणी में डाल दिया गया है। इस फैसले का सीधा असर सर्राफा बाजार और चांदी के बड़े कारोबारियों पर पड़ेगा।

अब मनमर्जी से नहीं मंगा सकेंगे चांदी, दिखाना होगा विशेष सरकारी इंपोर्ट लाइसेंस

वाणिज्य मंत्रालय की इस संशोधित नीति के बाद अब देश में चांदी का खुलेआम आयात पूरी तरह बंद हो गया है। शनिवार से लागू हुए नए नियमों के तहत अब किसी भी व्यापारी या निजी कंपनी को बाहर से चांदी मंगाने के लिए पहले सरकार से खास मंजूरी लेनी होगी। इसके लिए बकायदा इंपोर्ट लाइसेंस दिखाना अनिवार्य होगा। सरकार ने दो अलग-अलग एचएस (HS) कोड वाली चांदी की छड़ों पर यह नियम लागू किया है, जिसमें बुलियन-ग्रेड वाली सबसे शुद्ध चांदी भी शामिल है। इस कदम से बिना पंजीकरण और कागजी कार्रवाई के होने वाले व्यापार पर लगाम लगेगी।

अप्रैल में 157% बढ़ गया था चांदी का आयात, विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए उठाया कदम

आखिर सरकार को अचानक चांदी के विदेशी व्यापार पर इतनी सख्ती क्यों बरतनी पड़ी, इसका गणित काफी सीधा है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक पिछले महीने अप्रैल में सालाना आधार पर चांदी के आयात में करीब 157 फीसदी की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। इसके चलते देश से भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा बाहर जा रही थी। हाल ही में सरकार ने सोने और चांदी पर लगने वाले बुनियादी आयात शुल्क (Import Duty) को भी 6% से बढ़ाकर सीधे 15% कर दिया था। सरकार का मकसद साफ है कि चांदी और सोने जैसी गैर-जरूरी चीजों के बेलगाम आयात को रोका जाए, ताकि ईंधन और खाद जैसी बेहद जरूरी चीजों के लिए देश का विदेशी मुद्रा भंडार सुरक्षित रखा जा सके।

सोने और प्लैटिनम पर भी कड़े हुए नियम, टैक्स ढांचे में किया गया बड़ा बदलाव

सरकार ने केवल चांदी पर ही शिकंजा नहीं कसा है, बल्कि सोने के आयात से जुड़े ‘एडवांस ऑथराइजेशन’ नियमों को भी अब काफी सख्त कर दिया है। पहले इस विशेष स्कीम के तहत सोना मंगाने की कोई ऊपरी सीमा तय नहीं थी, लेकिन अब इसकी कड़ी निगरानी की जाएगी। पश्चिम एशिया संकट के चलते देश का कुल इंपोर्ट बिल लगातार बढ़ रहा था, जिसके चलते सरकार ने सोने-चांदी पर कुल ड्यूटी बढ़ाकर 15% और प्लैटिनम पर इंपोर्ट ड्यूटी को 6.4% से बढ़ाकर 15.4% कर दिया है। इसके साथ ही सोने-चांदी के सिक्कों और डोरे बार पर भी टैक्स के पुराने नियम बदल दिए गए हैं ताकि घरेलू बाजार को संतुलित किया जा सके।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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