
छत्तीसगढ़ में एक रसूखदार पुलिस अधिकारी (DSP) की बेटी मशहूर कंटेंट क्रिएटर निवेदिता मंडावी को सोशल मीडिया पर अगवा करने और सामूहिक दुष्कर्म की धमकी मिलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। निवेदिता, जो कि प्रदेश के एक डीएसपी (DSP) की बेटी हैं, बस्तर की आदिवासी संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए जानी जाती हैं। इस घिनौनी साजिश का खुलासा तब हुआ जब एक इंस्टाग्राम ग्रुप की चैट सार्वजनिक हो गई। इन चैट्स में अपराधी निवेदिता की फोटो साझा कर उनके खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और आपराधिक योजना बना रहे थे। मामला तूल पकड़ते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और अब तक पांच आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

‘नशा मुक्ति’ ग्रुप में गंदा खेल: मदद के नाम पर बनाई गैंगरेप की योजना
पूरी घटना की शुरुआत एक इंस्टाग्राम ग्रुप से हुई, जिसका नाम ‘नशा मुक्ति ग्रुप’ रखा गया था। कहने को तो इस ग्रुप का मकसद युवाओं को नशे की लत से बाहर निकालना था, लेकिन इसके भीतर का सच बेहद खौफनाक निकला। करीब दो महीने पहले इस ग्रुप के सदस्यों के बीच हुई बातचीत लीक हुई, जिसमें कुछ लड़के पीड़िता को निशाना बनाने की आपराधिक साजिश रच रहे थे। इन चैट्स में न केवल अभद्र और अश्लील भाषा का इस्तेमाल किया गया, बल्कि पीड़िता को शारीरिक नुकसान पहुंचाने और उनके साथ दरिंदगी करने की विस्तृत प्लानिंग की जा रही थी।

पीड़िता का वीडियो वायरल: रुंधे गले से सुनाई आपबीती, पुलिस से मांगी मदद
साजिश का पता चलने के बाद पीड़िता ने खुद सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपनी सुरक्षा को लेकर डर जाहिर किया। उन्होंने बताया कि किस तरह कुछ लड़के संगठित होकर उनके पीछे पड़े हैं और उन्हें धमकियां दे रहे हैं। अवॉर्ड विनिंग कंटेंट क्रिएटर ने इस वीडियो के जरिए छत्तीसगढ़ पुलिस और प्रशासन से गुहार लगाई कि इन असामाजिक तत्वों पर नकेल कसी जाए। पीड़िता ने कहा कि वह हैरान हैं कि एक तरफ वे अपनी संस्कृति को गर्व से दिखा रही हैं और दूसरी तरफ समाज के कुछ लोग उनके साथ ऐसा घिनौना व्यवहार करने की सोच रहे हैं।
सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा: बस्तर की ‘पावरहाउस’ के समर्थन में उतरी जनता
वीडियो और चैट्स लीक होते ही इंटरनेट पर आक्रोश की लहर दौड़ गई। हजारों यूजर्स ने पीड़िता के समर्थन में पोस्ट किए और आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग उठाई। लोगों का कहना है कि अगर एक पुलिस अधिकारी की बेटी ही सुरक्षित नहीं है, तो आम महिलाओं का क्या होगा। यूजर्स ने पीड़िता को ‘छत्तीसगढ़ की पावरहाउस’ बताते हुए लिखा कि जो लड़की अपनी जड़ों और ट्राइबल कल्चर को दुनिया के नक्शे पर ले जा रही है, उसके साथ ऐसी हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दबाव के चलते प्रशासन को मामले में तत्काल संज्ञान लेना पड़ा।
पुलिस का एक्शन: केशकाल और भानुप्रतापपुर से 5 आरोपी दबोचे गए
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोंडागांव जिले की केशकाल पुलिस ने केस दर्ज कर जाल बिछाया। थाना प्रभारी विकास बघेल के नेतृत्व में पुलिस ने तकनीकी सुरागों और इंस्टाग्राम आईडी की मदद से आरोपियों की पहचान की। अब तक इस मामले में 5 युवकों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पकड़े गए आरोपी केशकाल, भानुप्रतापपुर और कोंडागांव के रहने वाले हैं। पुलिस के मुताबिक, इन सभी पर आईटी एक्ट और आपराधिक षडयंत्र की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। रायपुर में ‘जीरो’ पर मामला दर्ज होने के बाद केस को संबंधित थाने में ट्रांसफर किया गया था।

कंटेंट क्रिएटर ने जताया आभार: ‘सोशल मीडिया और पुलिस की मदद से मिली हिम्मत’
गिरफ्तारी के बाद पीड़िता ने एक बार फिर सामने आकर उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया जो इस मुश्किल वक्त में उनके साथ खड़े रहे। उन्होंने कहा कि पुलिस की तत्परता ने उन्हें राहत दी है। पीड़िता के मुताबिक, यह लड़ाई सिर्फ उनके लिए नहीं बल्कि उन सभी महिलाओं के लिए है जो डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय हैं और अक्सर इस तरह की धमकियों का शिकार होती हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन आरोपियों को ऐसी सजा मिलेगी जो दूसरों के लिए नजीर बनेगी ताकि कोई भी किसी महिला की गरिमा से खेलने की हिम्मत न कर सके।
सुरक्षा पर सवाल: क्या सुरक्षित हैं डिजिटल स्पेस में महिलाएं?
यह घटना व्यक्तिगत हमला होने के साथ-साथ समाज की उस कड़वी सच्चाई को भी उजागर करती है जहां सोशल मीडिया को अपराध का अड्डा बनाया जा रहा है। ग्रुप्स बनाकर किसी महिला की रेकी करना और उसके खिलाफ साजिश रचना एक नई तरह की चुनौती बनकर उभरा है। साइबर एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसे मामलों में केवल आईटी एक्ट की साधारण धाराएं काफी नहीं हैं, बल्कि आरोपियों पर सख्त गैर-जमानती धाराएं लगनी चाहिए। रायपुर से लेकर बस्तर तक इस केस की चर्चा है और लोग अब महिलाओं की डिजिटल सुरक्षा के लिए ठोस कानून की मांग कर रहे हैं।

पुलिस की चेतावनी: सोशल मीडिया पर नजर, गलत पोस्ट पर होगी जेल
इस हाई-प्रोफाइल मामले के बाद पुलिस ने सोशल मीडिया यूजर्स के लिए कड़ी चेतावनी जारी की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी ग्रुप में अश्लील टिप्पणी करना, किसी की फोटो का गलत इस्तेमाल करना या आपराधिक साजिश रचना भारी पड़ सकता है। साइबर सेल की टीमें लगातार ऐसे संदिग्ध ग्रुप्स की निगरानी कर रही हैं। पुलिस ने अपील की है कि अगर किसी भी महिला को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर धमकी मिले, तो वह चुप बैठने के बजाय तुरंत नजदीकी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराए या साइबर हेल्पलाइन की मदद ले।



