
CG High Court on Balco: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (BALCO) को एक बड़ा झटका दिया है। हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है कि कंपनी द्वारा अपने कर्मचारियों की टाउनशिप को दी गई बिजली आपूर्ति पर वस्तु एवं सेवा कर (GST) के इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ नहीं मिलेगा। कोर्ट ने इस सुविधा को व्यावसायिक गतिविधि नहीं, बल्कि कल्याणकारी सुविधा माना है।
हाईकोर्ट ने BALCO की अपील को किया खारिज
BALCO ने अपनी याचिका में दलील दी थी कि कंपनी अपने ही बिजली संयंत्र से टाउनशिप को जो बिजली देती है, वह उनके व्यावसायिक संचालन का हिस्सा है। कंपनी का तर्क था कि यह सुविधा कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने और कंपनी संचालन को सुचारू रखने के लिए आवश्यक है। हालांकि, न्यायमूर्ति खंडपीठ ने इस दलील को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि कर्मचारियों को दी गई यह बिजली सेवा एक सामाजिक या कल्याणकारी गतिविधि है, जिसका कंपनी के मूल व्यावसायिक संचालन से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है।
ITC के लिए “व्यवसाय के क्रम” का हिस्सा नहीं
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह सुविधा “व्यवसाय के क्रम या उसके संवर्धन” (in the course or furtherance of business) का हिस्सा नहीं है। इसलिए, इसे धारा 16(1) CGST अधिनियम के तहत व्यावसायिक गतिविधि नहीं माना जा सकता और इस पर टैक्स क्रेडिट का दावा स्वीकार्य नहीं है।
कर सलाहकारों के लिए महत्वपूर्ण नजीर
इस फैसले से न केवल BALCO को झटका लगा है, बल्कि यह उन सभी बड़े उद्योगों के लिए एक महत्वपूर्ण नजीर है जो अपनी टाउनशिप या कर्मचारियों को दी जाने वाली सुविधाओं पर ITC का दावा करते हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि CGST नियमों में बाद में किए गए संशोधन को पुराने मामलों पर लागू नहीं किया जा सकता। कर विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से कंपनियों को भविष्य में अपने टैक्स दावों में अधिक सतर्कता बरतनी पड़ेगी।
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