
रायपुर: (Special session of Chhattisgarh Legislative Assembly) छत्तीसगढ़ की राजनीति में आज का दिन बेहद सरगर्मी भरा रहने वाला है। विधानसभा का एकदिवसीय विशेष सत्र आज सुबह 11 बजे से आहूत किया जा रहा है। हालांकि यह सत्र मात्र एक दिन का है, विशेष रूप से महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे विषयों पर सदन में व्यापक बहस होने की संभावना जताई जा रही है।
शक्ति प्रदर्शन का केंद्र बनेगा सदन: इन 3 बड़े मुद्दों पर रहेगी नजर
आज की कार्यवाही मुख्य रूप से तीन धुरियों के इर्द-गिर्द घूमने की संभावना है, जिससे सदन के भीतर का तापमान बढ़ना तय है:
- महिला आरक्षण और परिसीमन: केंद्र की तर्ज पर राज्य में भी महिला आरक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करने और इसके साथ जुड़े परिसीमन (Delimitation) की प्रक्रिया पर सदन में विस्तृत चर्चा होगी। सत्ता पक्ष इसे अपनी उपलब्धि के तौर पर पेश करेगा, वहीं विपक्ष इसकी बारीकियों और कार्यान्वयन के समय पर सवाल उठा सकता है।
- निंदा प्रस्ताव से तकरार: राज्य सरकार द्वारा विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की योजना ने आग में घी डालने का काम किया है। इस प्रस्ताव के चलते सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सीधा टकराव देखने को मिल सकता है।
- विपक्ष की घेराबंदी: कांग्रेस विधायक दल ने नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में अपनी रणनीति को अंतिम रूप दे दिया है। विपक्ष ने साफ कर दिया है कि वे केवल जवाब नहीं देंगे, बल्कि आक्रामक रुख अपनाते हुए सरकार को जनहित के मुद्दों पर घेरेंगे।
आधी आबादी की आवाज: महिला विधायकों का मोर्चा
इस सत्र की सबसे खास बात महिला विधायकों की सक्रियता रहने वाली है। कांग्रेस की महिला विधायकों ने इस विशेष सत्र के लिए ठोस तैयारी की है। महिला आरक्षण जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दे पर वे सदन के भीतर अपनी बात प्रमुखता से रखेंगी, जिससे बहस के काफी तीखे होने के आसार हैं।
सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप और हंगामे की संभावनाओं को देखते हुए इस एकदिवसीय सत्र के काफी हंगामेदार रहने की उम्मीद जताई जा रही है।



