
बिलासपुर: CG Consumer Forum: अक्सर लोग छोटी-मोटी रकम को नज़रअंदाज़ कर देते हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक महिला ने महज 3 रुपये के लिए उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया और आखिरकार न्याय पाकर 3000 रुपये का मुआवजा हासिल किया। यह मामला उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूकता का बड़ा उदाहरण बन गया है।

क्या है पूरा मामला
Bilaspur News: 21 वर्षीय जायरा अमीना ने शहर की एक बड़ी दुकान से 235 रुपये कीमत वाली चायपत्ती खरीदी। लेकिन बिलिंग के दौरान उनसे 238 रुपये वसूल लिए गए। जब ग्राहक ने इसकी शिकायत की तो दुकानदार ने कोई कार्रवाई नहीं की। मामला मामूली रकम का था, लेकिन जायरा अमीना ने हार नहीं मानी और उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज करा दी।
फोरम का फैसला
सुनवाई के बाद उपभोक्ता फोरम ने इसे अनुचित व्यापार व्यवहार और सेवा में कमी माना। आयोग ने दुकान संचालक को आदेश दिया कि:
- महिला को अतिरिक्त लिए गए 3 रुपये लौटाए जाएं।
- मानसिक पीड़ा और अनुचित व्यवहार के लिए 2000 रुपये हर्जाना दिया जाए।
- केस लड़ने में हुए खर्च की भरपाई के लिए 1000 रुपये वाद व्यय भी चुकाए जाएं।
इस तरह कुल 3000 रुपये मुआवजा महिला को देने का आदेश जारी किया गया।

45 दिन में रकम नहीं लौटाई तो ब्याज सहित देना होगा भुगतान
उपभोक्ता फोरम ने स्पष्ट किया है कि यदि 45 दिन के भीतर महिला को मुआवजा राशि नहीं दी जाती है तो कंपनी को यह रकम 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ लौटानी होगी।
जागरूकता का संदेश
फोरम के सदस्य आलोक पांडेय ने कहा कि यह मामला उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी सीख है। किसी भी पैक्ड प्रोडक्ट पर एमआरपी से अधिक राशि वसूलना कानूनन अपराध है। आम उपभोक्ताओं को भी अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना चाहिए और ऐसी स्थिति में कानूनी मदद लेनी चाहिए।
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