
धमतरी, 01 नवंबर 2025: धमतरी जिले में मौसम में अचानक बदलाव आने और असामयिक वर्षा तथा ओलावृष्टि की आशंका को देखते हुए कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने किसानों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी खड़ी और कटी हुई फसल की सुरक्षा सुनिश्चित करें और किसी भी क्षति की स्थिति में तत्काल बीमा कंपनी को सूचित करें।
मौसम देखकर ही करें धान की कटाई
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने किसानों से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही फसल कटाई का कार्य करें। कटी हुई फसल को सुरक्षित रखने के लिए विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है:
- खेतों में कटाई के बाद रखे गए धान के करपा (कटी हुई फसल का ढेर) को तुरंत सुरक्षित स्थान पर रखें।
- कटे धान को मेड़ों पर या खरही जमाकर (ढेर बनाकर) रखने का इंतजाम करें, ताकि वर्षा के पानी से होने वाले नुकसान से बचा जा सके।
कटाई के बाद 14 दिनों तक मिलता है बीमा कवरेज
कलेक्टर श्री मिश्रा ने फसल बीमा योजना के महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी दी:
- धान की खड़ी फसल में अत्यधिक वर्षा से होने वाली क्षति बीमा कवरेज के अंतर्गत नहीं आती है।
- लेकिन, कटाई उपरांत खेतों में रखी फसल 14 दिनों तक फसल बीमा के दायरे में आती है।
क्षति होने पर 72 घंटे के भीतर सूचना देना अनिवार्य
यदि किसी किसान की फसल कटाई के बाद असामयिक वर्षा या ओलावृष्टि से क्षतिग्रस्त होती है, तो उन्हें तुरंत निम्न प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है:
- बीमा कंपनी को सूचना: किसान भाई क्षति होने के 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 1800-419-0344 या 14447 पर सूचना देना सुनिश्चित करें।
- अन्य विभागों को लिखित सूचना: किसान संबंधित कृषि या राजस्व विभाग के मैदानी अमले तथा बैंक शाखा को भी लिखित में सूचना दें।
यह सूचना इसलिए आवश्यक है, ताकि खेतों का मौके पर निरीक्षण कर नुकसान का सही आकलन किया जा सके और शासन के प्रावधानों के अनुसार बीमा क्षतिपूर्ति की कार्यवाही समय पर पूरी की जा सके। कलेक्टर श्री मिश्रा ने किसानों से इस योजना का अधिकतम लाभ उठाने और समय पर जानकारी देकर अपनी मेहनत की फसल को सुरक्षित रखने का आग्रह किया है।
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