
CG Fertilizer News: खरीफ सीजन में खाद की किल्लत झेल रहे छत्तीसगढ़ के किसानों को केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार की मांग पर केंद्रीय उर्वरक मंत्रालय ने यूरिया और डीएपी खाद का अतिरिक्त आवंटन मंजूर कर दिया है।
50-50 हजार टन यूरिया और डीएपी अतिरिक्त मिलेगा
CG Fertilizer Supply Plan 2025: खाद की मांग बढ़ने के बीच छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने राज्य को यूरिया और डीएपी खाद की अतिरिक्त खेप भेजने को मंजूरी दे दी है। अब सप्लाई प्लान के अलावा 50-50 हजार मेट्रिक टन यूरिया और डीएपी राज्य को उपलब्ध कराया जाएगा।
केंद्रीय उर्वरक मंत्री से की गई थी मांग
JP Nadda Fertilizer Decision: इस संबंध में छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम के नेतृत्व में राज्य के सांसदों ने केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जे.पी. नड्डा से दिल्ली में मुलाकात की थी। प्रतिनिधिमंडल ने खरीफ सीजन के दौरान खाद की बढ़ी हुई जरूरत का हवाला देते हुए अतिरिक्त आवंटन की मांग की थी। मंत्री नड्डा ने मांग पर सहमति देते हुए विभागीय अधिकारियों को तुरंत जरूरी निर्देश दिए।

धान की खेती में बढ़ी खाद की जरूरत
कृषि विभाग के अनुसार, राज्य में किसानों की बड़ी आबादी धान की खेती करती है। अगस्त-सितंबर माह के दौरान रोपा-बियासी का कार्य अपने चरम पर होता है। इस समय धान की फसल को तेजी से बढ़ने और उत्पादन बेहतर बनाने के लिए फास्फेटिक खाद की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त खाद आवंटन की मांग की गई थी।
अब तक मिला कितना खाद
CG Fertilizer Shortage Relief: सरकार द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार, जुलाई तक छत्तीसगढ़ को यूरिया की 5.99 लाख टन और डीएपी की 2.68 लाख टन आपूर्ति तय की गई थी। इसके मुकाबले अब तक राज्य को 4.63 लाख टन यूरिया और 1.61 लाख टन डीएपी ही प्राप्त हुआ है। वहीं अगस्त महीने के लिए 57,600 टन यूरिया और 36,850 टन डीएपी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
कुल लक्ष्य और भंडारण की स्थिति
खरीफ 2025 के लिए भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ को कुल 7.12 लाख टन यूरिया, 3.10 लाख टन डीएपी और 60 हजार टन एमओपी खाद आवंटित किया है। अधिकारियों का कहना है कि राज्य में खाद की कोई गंभीर किल्लत नहीं है और अतिरिक्त आवंटन से किसानों की जरूरतें पूरी की जा सकेंगी।
केंद्र सरकार की ओर से खाद के अतिरिक्त आवंटन की मंजूरी से छत्तीसगढ़ के किसानों को खरीफ सीजन में बड़ी राहत मिलेगी। समय पर खाद पहुंचने से खेती प्रभावित नहीं होगी और फसल उत्पादन में भी सुधार की उम्मीद है।
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