
FIDE Women World Cup: भारत की उभरती हुई शतरंज प्रतिभा दिव्या देशमुख ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने FIDE महिला विश्व कप के सेमीफाइनल में पूर्व विश्व चैंपियन तान झोंग्यी को 1.5-0.5 से हराकर फाइनल में जगह बना ली। 19 वर्षीय दिव्या यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं। साथ ही उन्होंने अपना पहला ग्रैंडमास्टर नॉर्म भी पूरा किया और 2026 के महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में भी एंट्री पक्की कर ली है।
Divya Deshmukh: वर्ल्ड नंबर 18 दिव्या ने पहले गेम में काले मोहरों से ड्रॉ खेला और दूसरे गेम में सफेद मोहरों से आक्रामक अंदाज़ में जीत दर्ज की। उन्होंने मिड-गेम में दबाव बनाकर तान को गलती करने पर मजबूर किया और जीत की स्थिति में बदल दिया।
Chess Finals 2025: इस बीच, सेमीफाइनल में भारत की दूसरी खिलाड़ी कोनेरू हम्पी का मैच चीन की लेई टिंगजी से ड्रॉ रहा। हम्पी अब रैपिड और ब्लिट्ज टाई-ब्रेक खेलेंगी। दिव्या का यह प्रदर्शन न सिर्फ भारतीय शतरंज के लिए ऐतिहासिक है, बल्कि यह संकेत भी है कि देश को महिला शतरंज में नई सुपरस्टार मिल चुकी है।

Also Read: UPI New Rules: UPI में बड़ा बदलाव: 1 अगस्त से लागू होंगे नए नियम, लेनदेन होगा और भी तेज़ और सुरक्षित



