
रायपुर: छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में अमानक (Non-Standard) दवाइयों की सप्लाई के मामले पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले 5 सालों में CGMSC (छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के सिस्टम में जंग लग गया था, जिसे उनकी सरकार ठीक करने का काम कर रही है।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी: स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने साफ किया कि उनकी सरकार हर जांच और कार्रवाई को जनता के सामने रखती है। उन्होंने कहा कि जो भी अधिकारी या कर्मी गलत पाए जा रहे हैं, उन पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अमानक दवाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एक विशेष बैच की दवा पर रोक का आदेश
गौरतलब है कि हाल ही में छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) ने दवाओं की गुणवत्ता को लेकर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया था। रायपुर स्थित ड्रग वेयरहाउस ने सभी प्रमुख शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों को निर्देश दिया है कि “ऑफ्लॉक्सासिन ऑर्निडाजोल टैबलेट (Ofloxacin Ornidazole Tab)” के एक विशेष बैच का उपयोग तत्काल प्रभाव से रोक दिया जाए।
कांग्रेस के ‘हस्ताक्षर अभियान’ पर किया पलटवार
इस दौरान मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कांग्रेस के ‘वोट चोरी के खिलाफ 20 लाख लोगों के हस्ताक्षर अभियान’ पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राज्य की आबादी का 10 प्रतिशत भी हस्ताक्षर नहीं हुआ है। उन्होंने इस अभियान की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि कितने हस्ताक्षर बैठकर किए गए, यह जांच का विषय है। मंत्री ने दावा किया कि देश और प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को पूरी तरह से नकार दिया है।
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