VIDEO: सूरजपुर के फॉरेस्ट रेस्ट हाउस में अश्लील डांस का शोर: गरियाबंद के बाद अब यहां भी उड़ी नियमों की धज्जियां, जनप्रतिनिधियों पर पैसे लुटाने का आरोप

सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में हुए हालिया विवाद के बाद अब सूरजपुर जिले से भी सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग की एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। रामानुजनगर ब्लॉक के कुमेली स्थित वन विभाग के रेस्ट हाउस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है। इस वीडियो में भोजपुरी गानों की धुन पर डांसर अश्लील नृत्य करती नजर आ रही हैं। बताया जा रहा है कि यह घटना करीब 4 से 5 महीने पुरानी है, लेकिन अब वीडियो सार्वजनिक होने से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।

जनपद सदस्य ने आयोजित कराई थी महफिल

इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में स्थानीय जनप्रतिनिधियों का नाम सामने आ रहा है। सूत्रों के मुताबिक, यह रंगारंग कार्यक्रम जनपद सदस्य शमशेर खान द्वारा आयोजित कराया गया था। रेस्ट हाउस के मुख्य हॉल में बाकायदा गद्दे बिछाकर डांसरों के लिए मंच तैयार किया गया था। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे सरकारी परिसर के भीतर मर्यादा को ताक पर रखकर जश्न मनाया जा रहा था। इसी दौरान वहां मौजूद किसी शख्स ने मोबाइल से यह वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो अब विभाग के लिए गले की फांस बन गया है।

वीडियो में दिखे सरकारी कर्मचारी और रसूखदार

वीडियो के वायरल होने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उन चेहरों की हो रही है जो वहां दर्शकों के रूप में मौजूद थे। वायरल क्लिप में कुछ स्थानीय रसूखदार लोगों के साथ-साथ सरकारी कर्मचारी भी ठुमकों का आनंद लेते और पैसे लुटाते दिखाई दे रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि सरकारी भवन के भीतर ऐसी गतिविधियों की जानकारी होने के बावजूद वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। फिलहाल विभाग का कोई भी बड़ा अफसर इस मामले पर कैमरे के सामने कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।

पर्यटन केंद्र बना शराब और जुए का अड्डा

कुमेली का यह फॉरेस्ट रेस्ट हाउस असल में क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के मकसद से लाखों रुपये की लागत से बनाया गया था। यहां एक बड़ा हॉल और चार सुसज्जित कमरे हैं ताकि बाहर से आने वाले पर्यटक रुक सकें। हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों का आरोप कुछ और ही है। लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब यहां नियम टूटे हों, इससे पहले भी इस भवन में शराबखोरी और जुए की महफिलें सजने की शिकायतें आती रही हैं। पर्यटन के नाम पर बनी यह इमारत अब कथित तौर पर रसूखदारों की ‘अय्याशी का अड्डा’ बनती जा रही है।

गरियाबंद मामले जैसी बड़ी कार्रवाई की मांग

सूरजपुर का यह मामला ठीक वैसा ही है जैसा कुछ दिनों पहले गरियाबंद में सामने आया था, जहां एसडीएम और पुलिसकर्मियों पर डांसरों के साथ अमर्यादित व्यवहार के आरोप लगे थे। गरियाबंद में कलेक्टर ने सख्त एक्शन लेते हुए एसडीएम को हटा दिया था और 14 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। अब सूरजपुर के लोग भी वैसी ही निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। जिस समय यह आयोजन हुआ, तब इस रेस्ट हाउस की जिम्मेदारी तत्कालीन रेंजर आरसी प्रजापति के पास थी। अब देखना होगा कि शासन इस सरकारी अव्यवस्था पर क्या कड़ा कदम उठाता है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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