
जिले में चल रहे विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान एक चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। मतदाता सूची के सत्यापन में करीब 3.60 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। इतनी बड़ी संख्या में नाम कटने के बाद प्रशासन ने सुधार के लिए दावा-आपत्ति की प्रक्रिया तेज कर दी है। निर्वाचन आयोग के सख्त निर्देश पर जिले के सभी मतदान केंद्रों में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को तैनात किया गया है, ताकि छूटे हुए मतदाताओं को दोबारा सूची में शामिल किया जा सके।
22 जनवरी तक मौका, फॉर्म-6 है जरूरी
जिन मतदाताओं का नाम सूची से गायब है या जो पहली बार अपना नाम जुड़वाना चाहते हैं, उनके पास 22 जनवरी तक का समय है। इस समय सीमा के भीतर प्रभावित लोग अपने संबंधित मतदान केंद्र पर जाकर ‘फॉर्म-6’ भर सकते हैं। निर्वाचन कर्मियों को मौके पर ही आवेदन लेने और उनकी सुनवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र नागरिक वोट डालने के संवैधानिक अधिकार से वंचित न रहे, इसलिए इस अभियान को युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है।
नाम जुड़वाने के लिए ये दस्तावेज साथ रखें
मतदाता सूची में दोबारा नाम शामिल कराने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेजों की मांग की जा रही है। पहचान और निवास के प्रमाण के रूप में मतदाता को अपने साथ आधार कार्ड की फोटोकॉपी, 8वीं या 10वीं कक्षा की मार्कशीट या परिवार के किसी सदस्य की वर्ष 2003 की पुरानी मतदाता सूची की प्रति रखनी होगी। इन दस्तावेजों के आधार पर बीएलओ मौके पर ही पात्रता की जांच करेंगे और सत्यापन के बाद नाम जोड़ने की कार्यवाही शुरू की जाएगी। सुबह से ही लोग अपने कागजात लेकर बूथों पर पहुंच रहे हैं।
बिना सूचना नाम कटने से बढ़ी नाराजगी
शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों के मतदाता इस बात को लेकर परेशान हैं कि बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के उनके नाम सूची से क्यों हटाए गए। कई नागरिकों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि वे वर्षों से मतदान कर रहे हैं, फिर भी इस बार उनका नाम गायब मिला। लोगों में अपना वोटिंग अधिकार छिन जाने का डर बना हुआ है। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और जो भी लोग पात्र हैं, उनका नाम आवेदन मिलते ही अनिवार्य रूप से जोड़ा जाएगा।
पारदर्शी प्रक्रिया और निर्वाचन विभाग की अपील
निर्वाचन विभाग का कहना है कि मतदाता सूची को शुद्ध और त्रुटिहीन बनाने के लिए समय-समय पर नामों का मिलान किया जाता है। कई बार दोहरी प्रविष्टि या घर बदलने के कारण नाम हट जाते हैं। विभाग ने जनता से अपील की है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना अपने मतदान केंद्र पर जाकर सूची में अपना नाम जरूर चेक कर लें। अगर नाम नहीं है, तो तुरंत फॉर्म-6 भरकर रसीद प्राप्त करें ताकि आगामी चुनावों में वे बिना किसी परेशानी के अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें।



