
रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार के वर्ष 2026-27 के बजट निर्माण की प्रक्रिया अब अपने सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच गई है। नवा रायपुर स्थित महानदी भवन (मंत्रालय) में आज 6 जनवरी से मंत्री स्तरीय बजट बैठकों की शुरुआत हो रही है। अगले चार दिनों यानी 9 जनवरी तक चलने वाले इस मंथन में विभिन्न विभागों के आगामी खर्चों और नई योजनाओं का खाका खींचा जाएगा। वित्त मंत्री ओपी चौधरी हर विभाग के मंत्रियों के साथ आमने-सामने बैठकर उनके प्रस्तावों की समीक्षा करेंगे। इस दौरान विभागों द्वारा भेजे गए पुराने बजट आवंटन के साथ-साथ उन नए कामों पर भी चर्चा होगी जिन्हें सरकार इस साल जनता के सामने पेश करना चाहती है।
नई योजनाओं पर विशेष नजर: नवीन मद के प्रस्तावों की होगी छंटनी, केवल जरूरी विकास कार्यों को मिलेगी जगह
बजट चर्चा का मुख्य केंद्र ‘नवीन मद’ के प्रस्ताव रहने वाले हैं। प्रत्येक मंत्री अपने विभाग से जुड़ी नई योजनाओं और विकास कार्यों की सूची वित्त मंत्री के सामने रखेंगे। इन प्रस्तावों पर गहन चर्चा के बाद जिन योजनाओं को राज्य के हित और वित्तीय स्थिति के अनुकूल पाया जाएगा, उन्हें ही बजट में शामिल करने की मंजूरी मिलेगी। जिन प्रस्तावों पर सहमति नहीं बन पाएगी, उन्हें फिलहाल टाल दिया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के पास मौजूद विभागों के बजट को लेकर भी अलग से समय तय कर चर्चा की जाएगी ताकि राज्य की प्रमुख योजनाओं को पर्याप्त फंड मिल सके।
6 और 7 जनवरी का कार्यक्रम: स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि जैसे भारी-भरकम विभागों के बजट पर फैसला
आज 6 जनवरी को सुबह 11 बजे से बैठकों का दौर शुरू हो गया है। सबसे पहले उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने अपना पक्ष रखा। इसके बाद दोपहर में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल और तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत अपने विभागों का लेखा-जोखा पेश करेंगे। वहीं 7 जनवरी को वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा और कृषि मंत्री रामविचार नेताम के विभागों पर चर्चा होगी। अंत में वित्त मंत्री स्वयं अपने विभागों के प्रस्तावों पर निर्णय लेंगे। इन दो दिनों में राज्य की बुनियादी सुविधाओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े बड़े फैसलों पर वित्तीय मुहर लगनी तय है।
डिप्टी सीएम और महिला विकास की बारी: अंतिम दिनों में गृह, लोक निर्माण और पंचायत विभाग के प्रस्तावों पर होगी बात
बजट बैठकों के तीसरे दिन यानी 8 जनवरी को उप-मुख्यमंत्री अरुण साव के प्रभार वाले भारी-भरकम विभागों जैसे लोक निर्माण, पीएचई और नगरीय प्रशासन के बजट पर मंथन होगा। बैठक के आखिरी दिन 9 जनवरी को महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और फिर उप-मुख्यमंत्री विजय शर्मा के विभागों की बारी आएगी। विजय शर्मा गृह, पंचायत और आईटी जैसे महत्वपूर्ण विभागों के नए प्रस्तावों को वित्त मंत्री के सामने रखेंगे। इन बैठकों के संपन्न होने के बाद वित्त विभाग बजट को अंतिम रूप देकर छपाई के लिए भेजेगा। माना जा रहा है कि इस बार का बजट विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।



