
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सतनामी समाज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले कथावाचक आशुतोष चैतन्य महाराज की गिरफ्तारी के बाद शनिवार को कोर्ट परिसर में जमकर हंगामा हुआ। कथावाचक को बिलासपुर जिला कोर्ट में पेश किया गया था। इस दौरान सतनामी समाज और हिंदू संगठन के बड़ी संख्या में लोग कोर्ट में इकट्ठा हो गए, जिससे तनावपूर्ण स्थिति बन गई।

पुलिस के सामने सतनामी और हिंदू संगठन के बीच नारेबाजी
जैसे ही पुलिस कथावाचक आशुतोष चैतन्य को लेकर कोर्ट परिसर पहुँची, आक्रोशित सतनामी समाज के लोगों ने विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। इसके पलटवार में हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने भी हंगामा करना शुरू कर दिया। दोनों पक्षों की नारेबाजी और जमघट से कोर्ट परिसर का माहौल अशांत हो गया, जिसे शांत कराने के लिए पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा।

बजरंग दल कार्यकर्ताओं की पुलिस से हुई जमकर झड़प
माहौल को शांत कराने की कोशिश कर रही पुलिस और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के बीच इस दौरान जमकर नोंक-झोंक और झड़प की स्थिति निर्मित हो गई। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुलिस समाज विशेष के लिए काम कर रही है और हिंदू संगठन को निशाना बना रही है, जबकि माहौल बिगाड़ने का काम सतनामी समाज के लोग कर रहे थे।

बजरंग दल ने पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की भी उठाई मांग
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने न केवल पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाया, बल्कि हंगामा शांत कराने पहुँचे पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग उठा दी। संगठन ने पुलिस की कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए अपना विरोध जारी रखा। दोनों पक्षों के हो-हंगामे के बीच कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
कोर्ट ने विवादित कथावाचक को दो दिन की न्यायिक रिमांड पर भेजा
सतनामी समाज और हिंदू संगठन के जमकर हंगामे और झड़प के बीच, कोर्ट ने विवादित कथावाचक आशुतोष चैतन्य को दो दिन की न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। यह फैसला दोनों पक्षों के आक्रोश और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए लिया गया। कोर्ट के इस निर्णय के बाद कथावाचक को जेल भेज दिया गया है, जबकि पुलिस मामले की जांच जारी रखेगी।



