
सूरजपुर: छत्तीसगढ़ के प्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र की विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते की जाति का मुद्दा गरमा गया है। आदिवासी समाज ने विधायक पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाकर आरक्षित सीट से चुनाव लड़ने का गंभीर आरोप लगाया है। आदिवासी समुदाय का कहना है कि विधायक गैर-आदिवासी हैं और उन्होंने शासकीय दस्तावेजों में हेरफेर करके यह प्रमाण पत्र हासिल किया है।

आरोप: पिता की जगह पति की जाति से बनवाया प्रमाण पत्र
आदिवासी समुदाय का मुख्य आरोप यह है कि विधायक शकुंतला पोर्ते का जाति प्रमाण पत्र उनके पति पक्ष के आधार पर बनवाया गया है, जबकि नियमानुसार जाति प्रमाण पत्र हमेशा पिता पक्ष की जाति के आधार पर ही मान्य होता है। जनपद सदस्य जयसिंह कुसाम ने RTI के माध्यम से जानकारी हासिल करने का दावा किया कि यह प्रमाण पत्र पति के नाम से जारी किया गया है।

आदिवासी समाज का कहना है कि विधायक ने इस फर्जी दस्तावेज़ के सहारे आदिवासी समुदाय के लिए आरक्षित सीट से चुनाव लड़ा, जिससे स्थानीय अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों के हक और अधिकार का हनन हुआ है।
मूल रूप से उत्तर प्रदेश की निवासी हैं विधायक?
जानकार बताते हैं कि शकुंतला पोर्ते पड़ोसी राज्य उत्तरप्रदेश के मऊ जिले की मूल निवासी हैं। हालांकि उनका ससुराल प्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र के रघुनाथनगर थाना क्षेत्र में है। आरोपों के अनुसार, प्रवासी होने के बावजूद विधायक ने विधानसभा चुनाव के दौरान अपने पति के जाति प्रमाण पत्र के आधार पर आदिवासी होने का प्रमाण पत्र हासिल किया। जयसिंह कुसाम ने कहा कि प्रवासी लोग आरक्षण का लाभ नहीं ले सकते हैं।

हाईकोर्ट के आदेश पर भी नहीं जमा किए दस्तावेज
आदिवासी समाज के धन सिंह ने बताया कि गोंड समाज की जयश्री सिंह ने इस मामले में बिलासपुर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने 17 जून 2025 को जिला स्तरीय छानबीन समिति और उच्च स्तरीय छानबीन समिति रायपुर को तुरंत जांच करने का आदेश दिया था।

इसके बाद, जिला स्तरीय जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति, बलरामपुर ने विधायक को अपने मूल दस्तावेज और सुसंगत अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए तीन बार नोटिस जारी किया। मगर, विधायक ने इन नोटिसों का कोई जवाब नहीं दिया और न ही दस्तावेज प्रस्तुत किए। इसके परिणामस्वरूप, समिति ने यह निष्कर्ष निकाला कि जाति प्रमाण पत्र फर्जी और कूटरचित प्रतीत होता है। अंबिकापुर और बलरामपुर के अभिलेखागार में भी इस प्रमाण पत्र से संबंधित कोई रिकॉर्ड नहीं मिला है।
विधायक बोलीं: मामला कोर्ट में चल रहा है
इस पूरे प्रकरण पर प्रतापपुर विधायक शकुंतला पोर्ते का कहना है कि जिन लोगों को जाति प्रमाण पत्र फर्जी लग रहा है, उन्होंने कोर्ट में याचिका लगाई है। विधायक ने कहा, “मामला कोर्ट में चल रहा है। कोर्ट ही इस पर निर्णय करेगा।”

आदिवासी समाज ने दी आंदोलन की चेतावनी
आदिवासी समाज ने बलरामपुर और सूरजपुर जिले के कलेक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए 7 दिनों के भीतर विधायक का जाति प्रमाण पत्र निरस्त करने की कार्यवाही की मांग की है। इसके साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं हुई, तो उग्र प्रदर्शन और आंदोलन किया जाएगा। इस रुख के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है और अनुमान लगाया जा रहा है कि विधायक शकुंतला पोर्ते की विधायकी खतरे में पड़ सकती है।



