
सूरजपुर: Surajpur News: एक तरफ जहाँ प्रदेश के कई हिस्सों में मरीजों को समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण जान गँवानी पड़ती है, वहीं छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ बिहारपुर इलाके में आयोजित समाधान शिविर के दौरान सरकारी एंबुलेंस का घोर दुरुपयोग किया गया। मरीजों की सेवा के लिए बनी इस एंबुलेंस को ग्रामीणों को कार्यक्रम स्थल तक पहुँचाने के लिए सवारी गाड़ी बना दिया गया।
एंबुलेंस में ठूंस-ठूंसकर भरे गए ग्रामीण
सूरजपुर के बिहारपुर में गुरुवार को समाधान शिविर का आयोजन किया गया था, जिसमें मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े भी शामिल हुई थीं। इस आयोजन के दौरान कुछ हैरान कर देने वाली तस्वीरें सामने आईं, जिन्होंने स्वास्थ्य विभाग पर बड़े सवाल खड़े कर दिए। वायरल वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि ग्रामीणों को एंबुलेंस में ठूंस-ठूंसकर भरा गया था, जैसे वह कोई सार्वजनिक परिवहन का साधन हो। इस घटना ने सरकारी संसाधनों के उपयोग और स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मरीजों को समय पर सेवा न मिलने से उठते हैं सवाल
यह घटना इसलिए भी गंभीर है क्योंकि अक्सर दूरदराज के इलाकों में गंभीर मरीजों को समय पर एंबुलेंस नहीं मिल पाती है, जिसके कारण उनकी जान जोखिम में पड़ जाती है। ऐसे में जीवन रक्षक वाहन (एंबुलेंस) का उपयोग लोगों को किसी सरकारी कार्यक्रम तक पहुँचाने के लिए किया जाना सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग और सेवा भावना की उपेक्षा को दर्शाता है। यह स्थिति स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही पर सीधे प्रश्नचिह्न लगाती है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ घटना का वीडियो
सरकारी एंबुलेंस के दुरुपयोग से संबंधित यह पूरा घटनाक्रम सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर लोगों ने नाराजगी जाहिर की है। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने मांग की है कि ऐसे संवेदनशील वाहनों का गलत इस्तेमाल करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह के दुरुपयोग को रोका जा सके।
देखिये वीडियो-
स्वास्थ्य विभाग पर लगे गंभीर लापरवाही के आरोप
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि स्थानीय स्तर पर सरकारी संसाधनों के प्रबंधन में बड़ी लापरवाही बरती जा रही है। एक तरफ राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ फील्ड में उसके अपने अधिकारी जीवन रक्षक एंबुलेंस को निजी या गैर-चिकित्सीय कार्यों के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। इस पूरे मामले में उच्च अधिकारियों को संज्ञान लेते हुए जाँच के आदेश देने की आवश्यकता है।
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