आतंकी हमले में मारे गए रायपुर के दिनेश मिरानिया के परिवार को मिलेगा 20 लाख की आर्थिक सहायता, CM साय बोले – “आतंकियों को मिलेगी कड़ी सजा”

रायपुर: 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने छत्तीसगढ़ को भी झकझोर कर रख दिया। रायपुर निवासी दिनेश मिरानिया इस हमले का शिकार हो गए। अब राज्य सरकार ने उनके परिवार को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खुद ट्वीट कर यह जानकारी साझा की और इस कायराना हरकत की निंदा करते हुए दोषियों को सख्त सजा दिलाने की बात कही।

“यह अपूरणीय क्षति है, सरकार परिवार के साथ खड़ी है” – CM साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिनेश मिरानिया की हत्या को बेहद पीड़ादायक बताया। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में राज्य सरकार पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।

CM ने कहा –
“स्व. दिनेश मिरानिया के शोकाकुल परिवार को 20 लाख रुपए की सहायता दी जाएगी। यह क्षति अपूरणीय है। जो आतंकियों ने किया है, उसका जवाब जरूर मिलेगा।”

सालगिरह पर हुआ था हमला, परिवार के सामने ही गोलियों से भून डाला गया

दिनेश मिरानिया के परिवार के लिए वो दिन सिर्फ एक जश्न नहीं, एक सदमा बनकर आया। 22 अप्रैल उनकी शादी की सालगिरह थी। वे अपनी पत्नी नेहा, बेटे शौर्य और बेटी लक्षिता के साथ बैसरन घाटी में छुट्टियां मना रहे थे। तभी आतंकियों ने उन पर हमला कर दिया।

आतंकियों ने गोलियों की बौछार कर दी, जिसमें दिनेश की मौके पर ही मौत हो गई। उनका परिवार इस भयावह मंजर को अपनी आंखों के सामने होते देखता रह गया।

गृहमंत्री अमित शाह ने दी संवेदना, कहा – “आतंकियों को बख्शा नहीं जाएगा”

इस हमले के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिनेश मिरानिया की पत्नी और बच्चों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि यह हमला सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि पूरे देश के नागरिकों की भावना पर हमला है।

“मासूम और बेगुनाह लोगों की हत्या करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा,” शाह ने दो टूक कहा।

इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि आखिर आम नागरिक कब तक आतंक का शिकार बनते रहेंगे? ऐसे हमले देश की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हैं और यह मांग करते हैं कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को और सख्ती से लड़ा जाए।


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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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