
CG Aadhar Update: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत प्रदेशभर में आधार कार्ड से जुड़ी सेवाओं को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है. 15 जुलाई 2025 से रायपुर के सभी 44 च्वाइस सेंटरों में आधार बनवाने और अपडेट कराने की सुविधा बंद कर दी जाएगी. अब ये सभी सेवाएं सिर्फ सरकारी लोक सेवा केंद्रों पर ही मिलेंगी.
अब सिर्फ 9 सरकारी केंद्रों में बनेगा आधार
रायपुर में अभी तक 44 च्वाइस सेंटर थे, जहां आम लोग आसानी से आधार से जुड़े काम निपटा लेते थे. लेकिन अब इन सभी जगहों पर यह सुविधा बंद कर दी जाएगी. अब शहर में केवल 9 सरकारी केंद्र ही विकल्प के रूप में बचेंगे – इनमें कलेक्टोरेट, नगर निगम मुख्यालय और 6 जोनल कार्यालय शामिल हैं.
इसके अलावा सिर्फ श्याम प्लाजा, पंडरी में एक प्राइवेट कंपनी को आधार सेवा देने की इजाजत दी गई है, लेकिन वहां आपको अपनी जेब से फीस चुकानी होगी.
आम जनता को होगी ज्यादा परेशानी
नई व्यवस्था में केंद्रों की संख्या घटने से लोगों को दूरी और भीड़ दोनों का सामना करना पड़ेगा. खासकर उन लोगों के लिए यह मुश्किल खड़ी करेगी जो दूर-दराज के इलाकों से आते हैं या रोज़ काम में व्यस्त रहते हैं.
लोगों को लंबा इंतज़ार करना पड़ सकता है, दस्तावेज अधूरे होने पर बार-बार लौटना भी पड़ सकता है.
च्वाइस सेंटर वाले बोले – ‘रोज़गार छीन लिया’
च्वाइस सेंटर चलाने वालों में इस फैसले को लेकर नाराज़गी है. उनका कहना है कि आधार कार्ड के ज़रिए जो कमीशन मिलता था, उसी से स्टाफ की सैलरी, किराया और बाकी खर्च निकलते थे.
अब ये सेवाएं बंद होने के बाद उनके लिए सेंटर चलाना मुश्किल हो जाएगा. चिप्स (CHiPS) ने इन्हें सरकारी केंद्रों में शिफ्ट करने का ऑफर तो दिया है, लेकिन कमीशन घटाकर ₹75 कर दिया गया है, जिससे ज्यादातर ऑपरेटर इसमें रुचि नहीं ले रहे हैं.
अब चिप्स के हवाले पूरी जिम्मेदारी
पहले आधार सेवाओं की टेक्निकल जिम्मेदारी NIC हैदराबाद के पास थी, लेकिन अब पूरा कंट्रोल CHiPS को दे दिया गया है. ID अलॉटमेंट, सर्वर फॉल्ट, ब्लॉकिंग जैसे सारे काम अब यही करेगा.
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सर्वर में गड़बड़ी होती है, तो सुधार में समय लग सकता है और आम लोगों को दिक्कत झेलनी पड़ेगी.
सरकारी नजर में सुधार, लेकिन जनता को झटका
सरकार इस फैसले को डेटा सुरक्षा और निगरानी के लिहाज से बेहतर मान रही है. लेकिन जनता की सहूलियत इससे प्रभावित हो सकती है. कम सेंटर, ज्यादा भीड़ और लंबा सफर इस पूरी व्यवस्था को ज़मीन पर चुनौतीपूर्ण बना सकता है. अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में यह बदलाव लोगों की ज़िंदगी आसान करता है या और उलझा देता है.



