
बिलासपुर: CG Constable Recruitment: छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती 2023-24 में कथित गड़बड़ी को लेकर दायर जनहित याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। आठ अभ्यर्थियों की ओर से दाखिल इस याचिका पर बुधवार को मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायमूर्ति विभू दत्त गुरु की खंडपीठ में सुनवाई हुई।
जांच में सामने आई गड़बड़ी
CG Constable Recruitment: राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि शिकायतों के बाद भर्ती प्रक्रिया की राजनांदगांव सहित 9 जिलों में जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि 5 जिलों में भर्ती प्रक्रिया सही रही, जबकि 4 जिलों में गड़बड़ी की पुष्टि हुई, जिन पर कार्रवाई भी की जा चुकी है।

हाईकोर्ट की टिप्पणी
CG Police Constable Recruitment: सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि आठ याचिकाकर्ताओं में से चार अभ्यर्थियों का फिजिकल टेस्ट 14 सितंबर 2025 को होना है। इस पर कोर्ट ने कहा कि अभ्यर्थियों को अंतिम नियुक्ति के बाद उचित मंच पर चुनौती देने का अधिकार रहेगा।
मुख्य न्यायाधीश ने याचिकाकर्ताओं को नसीहत देते हुए कहा –बड़ी मुश्किल से सरकारी नौकरी मिलती है और आप खुद ही अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार रहे हैं।” चूंकि सुनवाई के दौरान अभ्यर्थियों की ओर से याचिका वापस लेने का अनुरोध किया गया, इसलिए अदालत ने जनहित याचिका खारिज कर दी।

CG Police Constable Recruitment 2023-24: गौरतलब है कि इससे पहले 2023-24 की आरक्षक भर्ती पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी। उस समय यह तर्क दिया गया था कि भर्ती प्रक्रिया में विभागीय कर्मचारियों को दी गई छूट आम नागरिकों के साथ भेदभाव है। इसके बाद कोर्ट ने अलग-अलग जिलों में होने वाली भर्तियों पर रोक लगा दी थी।
अब आगे क्या?
याचिका खारिज होने के बाद अब भर्ती प्रक्रिया पर लगी रोक हट गई है और चयन प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। हालांकि, अदालत ने साफ कर दिया है कि यदि नियुक्ति के बाद भी अभ्यर्थियों को कोई आपत्ति होती है, तो वे उचित मंच पर इसे चुनौती दे सकते हैं।



