
रायपुर CG Ayushman Yojana: छत्तीसगढ़ में आयुष्मान योजना को लेकर निजी अस्पतालों ने बड़ा कदम उठाया है। एसोसियेशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स ऑफ इंडिया (एएचपीआई) की राज्य स्तरीय सामान्य सभा में तय किया गया कि प्रदेश के निजी अस्पताल आयुष्मान योजना को पांच दिनों के लिए सांकेतिक रूप से बंद रखेंगे।
असंतोषजनक कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
बैठक में अस्पताल संचालकों ने कहा कि योजना संचालित करने वाली स्टेट नोडल एजेंसी की कार्यप्रणाली संतोषजनक नहीं है। लगातार आ रही परेशानियों को लेकर डॉक्टरों और प्रबंधकों ने नाराजगी जताई।
7 साल से पैकेज दरों में बढ़ोतरी नहीं
एएचपीआई के सदस्यों ने बताया कि पिछले सात साल से पैकेज दरें नहीं बढ़ाई गई हैं, जबकि हर साल चिकित्सा खर्च में करीब 12% की बढ़ोतरी हो रही है। यहां तक कि साल 2022 में नेशनल हेल्थ अथॉरिटी की सिफारिश भी लागू नहीं की गई।

एएचपीआई की प्रमुख मांगें
बैठक में एएचपीआई छत्तीसगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा कि अस्पतालों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
- विभिन्न बीमारियों के पैकेज रेट को तुरंत बढ़ाया जाए और इसके लिए सरकारी व निजी विशेषज्ञों की समिति बनाई जाए।
- जिला और राज्य स्तरीय शिकायत निवारण समितियों की अनुशंसा के अनुसार सभी लंबित भुगतान किए जाएं।
- डिस्चार्ज मरीजों की ऑडिटिंग 45 दिन में पूरी हो और भुगतान तय समय सीमा में मिले।
- 45 दिन से अधिक लंबित रहने पर एक प्रतिशत ब्याज का प्रावधान लागू किया जाए।
लंबित भुगतान पर बड़ा ऐलान
डॉ. गुप्ता ने कहा कि जनवरी से मार्च 2025 और जुलाई 2025 तक के लंबित भुगतान नहीं होने पर राज्य स्तरीय सांकेतिक बंद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अन्य राज्यों की समस्याओं को जोड़कर केंद्र सरकार से बातचीत होगी, ताकि गरीब और जरूरतमंद मरीजों को इलाज से वंचित न होना पड़े।
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