
रायपुर: अग्रवाल समाज और सिंधी समाज के ईष्ट देवों के खिलाफ भड़काऊ बयान देने के मामले में गिरफ्तार जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल को कोर्ट ने 3 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। शुक्रवार को थाने में आत्मसमर्पण के बाद पुलिस ने उन्हें न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी जेनिफर लकड़ा की कोर्ट में पेश किया था। अब तीन दिनों तक पुलिस उनसे पूछताछ कर पाएगी और उन्हें 8 दिसंबर को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा।
पुलिस कस्टडी में हुए मां के अंतिम संस्कार में शामिल
कोर्ट का फैसला आने के साथ ही पुलिस अमित बघेल को उनके पैतृक गांव ले गई, जहां वे अपनी मां के अंतिम संस्कार में शामिल हुए। कोर्ट ने मानवीय आधार पर उन्हें पुलिस कस्टडी के दौरान यह अनुमति दी थी। हालांकि, इस दौरान भी वे पुलिस की निगरानी में रहे।
छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति पर टिप्पणी से शुरू हुआ था विवाद
यह विवाद 27 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़े जाने की घटना से जुड़ा है। इस घटना को लेकर जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल ने सोशल मीडिया पर अग्रवाल समाज के ईष्ट देव अग्रसेन महाराज और सिंधी समाज के ईष्ट देवता झूलेलाल पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इन बयानों ने विभिन्न समुदायों के बीच तनाव पैदा कर दिया था।
देशभर में भड़के अग्रवाल और सिंधी समाज ने दर्ज कराई FIR
अमित बघेल की आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद देशभर में अग्रवाल समाज और सिंधी समाज भड़क उठा था। रायपुर, रायगढ़ और सरगुजा समेत कई जिलों में समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किए और FIR दर्ज करने की मांग की थी। सिंधी समाज के पदाधिकारियों ने कोतवाली थाने में अमित बघेल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
पुलिस रिमांड में अब होगी विस्तृत पूछताछ
कोर्ट से तीन दिन की पुलिस रिमांड मिलने के बाद जाँच अधिकारी अब अमित बघेल से उनके विवादित बयान और उससे जुड़े अन्य पहलू पर विस्तृत पूछताछ करेंगे। पुलिस यह जानने की कोशिश करेगी कि बयान के पीछे उनका मकसद क्या था और इसमें कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।



