छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र: प्रशासन ने कसी कमर, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होगी अहम बैठक, 23 फरवरी से शुरू होगा सत्र

छत्तीसगढ़ विधानसभा के आगामी बजट सत्र को लेकर प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। राज्य शासन ने तैयारियों का जायजा लेने के लिए बुधवार 11 फरवरी की शाम एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होने वाली इस मीटिंग में सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिवों को अनिवार्य रूप से मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं। शासन का पूरा जोर इस बात पर है कि सत्र के दौरान विपक्षी हमलों और विधायकों के सवालों का जवाब देने में कोई भी विभाग पीछे न रहे।

23 फरवरी से 20 मार्च तक चलेगा सत्र

संसदीय कार्य विभाग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार विधानसभा का यह आठवां सत्र 23 फरवरी से शुरू होकर 20 मार्च तक चलेगा। लगभग एक महीने तक चलने वाले इस सत्र में सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेगी। बैठक में अधिकारियों की ड्यूटी रोस्टर और पेंडिंग फाइलों के स्टेटस पर भी चर्चा की जाएगी। प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि सदन की कार्यवाही के दौरान सभी विभागीय आंकड़े और जानकारियां अपडेट रहें ताकि सदन में तथ्यात्मक जवाब पेश किए जा सकें।

नोडल अधिकारियों की नियुक्ति और ऑनलाइन जवाब

विधानसभा सत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी विभागों में विशेष विधानसभा प्रकोष्ठ का गठन किया जाएगा। इसके साथ ही नोडल अधिकारियों की नियुक्ति भी जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। इस बार राज्यपाल के अभिभाषण और बजट पर होने वाली चर्चा के लिए सभी विभागों को समय से पहले तैयारी करने को कहा गया है। शासन ने सख्त हिदायत दी है कि विधायकों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर ऑनलाइन माध्यम से तय समय-सीमा के भीतर सचिवालय को उपलब्ध कराने होंगे।

दस्तावेजों को लेकर कड़े नियम लागू

संसदीय कार्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि शासकीय विधेयकों से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज सत्र शुरू होने से कम से कम सात दिन पहले विधानसभा सचिवालय को भेजने होंगे। इसके अलावा वार्षिक प्रशासनिक रिपोर्ट और सीएजी (CAG) की रिपोर्ट भी समय पर सदन के पटल पर रखने के निर्देश दिए गए हैं। देरी होने पर संबंधित विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। इन कड़े नियमों का उद्देश्य सदन की कार्यवाही को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है।

अधिकारियों की छुट्टियों पर लगा प्रतिबंध

बजट सत्र की गंभीरता को देखते हुए राज्य शासन ने सभी श्रेणी के अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियों पर फिलहाल रोक लगा दी है। सत्र के दौरान सभी को मुख्यालय में उपस्थित रहना अनिवार्य होगा। केवल बहुत ही विशेष या आपातकालीन स्थितियों में ही अवकाश पर विचार किया जाएगा। इसके अलावा सत्र के बीच में किसी भी अधिकारी के प्रदेश से बाहर जाने के दौरों पर भी पाबंदी रहेगी ताकि विधायी कार्यों में किसी भी प्रकार का व्यवधान न आए।

Also Read: VIDEO: नगर निगम पर बवाल: पार्षद ने मांगी भीख, मंदिर के बाहर इस वजह से कटोरा लेकर बैठे

दक्षिण कोसल का Whatsapp Group ज्वाइन करे

Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

Related Articles

Back to top button