
धमतरी, कुरूद में 100 बिस्तर क्षमता वाले अस्पताल भवन के निर्माण के लिए ₹17.84 करोड़ की प्रशासकीय मंजूरी मिल चुकी है। स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सिविल अस्पताल कुरुद में आधुनिक स्वास्थ्य संरचनाओं का विकास प्राथमिकता में रखा गया है, ताकि आम जनता को समय पर और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके। यह पहल न सिर्फ मौजूदा संसाधनों को बेहतर बनाने की दिशा में है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, समावेशी और असरदार बनाने की प्रतिबद्धता का प्रतीक भी है। ये मंजूरी कुरुद के विधायक अजय चंद्राकर जी के निरंतर प्रयास और राज्य सरकार मंजूरी दी है। यह कुरूद के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में ये एक बड़ी छलांग मानी जा रही है।

अजय चंद्राकर की दूरदर्शिता और सरकार की प्रतिबद्धता
इस मंजूरी के पीछे विधायक अजय चंद्राकर की सक्रिय भूमिका और प्रभावशाली नेतृत्व को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने कुरूद में स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार और उन्नयन के लिए लगातार प्रयास किए। राज्य सरकार द्वारा मंजूरी दिए जाने से स्पष्ट है कि स्वास्थ्य क्षेत्र सरकार प्राथमिकताओं में शामिल है। इस महत्वपूर्ण विकास कार्य की सौगात के लिए विधायक चंद्राकर ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं स्वास्थ्य मंत्री को आभार व्यक्त किया है।
बेहतर स्वास्थ्य की ओर बढ़ता कुरूद
कुरूद में 100 बिस्तरों वाले सिविल अस्पताल के निर्माण के लिए छत्तीसगढ़ शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, रायपुर से ₹1784.66 लाख यानी 17.84 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। यह राशि मौजूदा 50 बिस्तरों वाले अस्पताल को अपग्रेड कर आधुनिक और विस्तारित रूप में विकसित करने के लिए स्वीकृत की गई है।
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, जनकल्याण को समर्पित सरकार
अब तक कुरूद और आस-पास के गांवों के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए धमतरी या रायपुर जैसे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। लेकिन 100 बिस्तरों वाले सिविल अस्पताल के निर्माण के बाद क्षेत्रवासियों को अब स्थानीय स्तर पर ही आधुनिक और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी। इससे न सिर्फ समय पर इलाज संभव होगा, बल्कि मरीजों और उनके परिजनों को मानसिक और आर्थिक राहत भी मिलेगी।
नर्सिंग कॉलेज और ट्रॉमा यूनिट की सुविधा
इस अस्पताल के साथ नर्सिंग कॉलेज की स्थापना भी प्रस्तावित है। यानी यहां इलाज ही नहीं, चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर भी खुलेंगे। इसके साथ ही नया ट्रॉमा यूनिट भी जल्द शुरू होने की उम्मीद है, जिससे सड़क हादसों जैसे आपात मामलों में तत्काल इलाज संभव हो सकेगा। ट्रॉमा यूनिट में ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट, बलगम की जांच जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी, जिससे बीमारियों की जल्दी पहचान और स्वास्थ्य योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो सकेगा।
नागरिकों में खुशी का माहौल
100 बिस्तरों वाले नए अस्पताल की घोषणा के बाद कुरूद नगर सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में खुशी और राहत का माहौल है। स्थानीय लोग इसे एक बड़ी सौगात मानते हुए क्षेत्रीय विधायक अजय चंद्राकर को लगातार बधाई संदेश भेज रहे हैं। वर्षों से जो स्वास्थ्य सुविधाओं में बहुप्रतीक्षित मांग की जा रही थी , वह अब पूरा हुआ है। लोग अब गंभीर स्थिति में इलाज के लिए दूर दराज के शहरों तक जाने को मजबूर नहीं होंगे। यह केवल एक अस्पताल नहीं, बल्कि क्षेत्र की सेहत और जनकल्याण को लेकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता और गंभीरता का प्रतीक है।
बहु प्रतीक्षित मांग को भाजपा सरकार ने दी मंजूरी
कुरूद में 100 बिस्तरों वाले सिविल अस्पताल की मंजूरी कोई नई मांग नहीं है, बल्कि यह वर्षों से लंबित थी। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने इस अस्पताल की मांग कांग्रेस शासनकाल में भी लगातार उठाई थी, लेकिन तब इस प्रस्ताव को गंभीरता से नहीं लिया गया और अंततः प्रस्ताव विलोपित कर दिया गया। जैसे ही राज्य में भाजपा सरकार बनी, इस मांग को प्राथमिकता में रखते हुए मार्च 2025 के बजट में शामिल किया गया। और अब इस अस्पताल के निर्माण के लिए प्रशासनिक स्वीकृति भी जारी कर दी गई है। यह निर्णय भाजपा सरकार के सुशासन और जनता के प्रति उत्तरदायित्व को दर्शाता है, जिसमें विकास कार्यों को सिर्फ कागज़ों में नहीं, ज़मीन पर उतारने का संकल्प साफ झलकता है।
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