
छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। भाजपा ने अपने सभी मंत्रियों और विधायकों को रायपुर के प्रदेश मुख्यालय में बुलाया गया है। 18 जून को यहां अहम बैठकों का दौर चलेगा। चर्चा है कि खाली पड़े मंत्री पदों और संभावित फेरबदल पर बड़ा मंथन होगा। साथ ही, पार्टी के अभियान की समीक्षा भी एजेंडे में शामिल है।
शिवप्रकाश पहुंचे रायपुर, लेंगे नेताओं की क्लास
भाजपा के राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री शिवप्रकाश मंगलवार को रायपुर पहुंच चुके हैं। उनके साथ क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल भी हैं। इन दोनों नेताओं की मौजूदगी में पार्टी के संगठनात्मक कामों की समीक्षा होगी। खास बात यह है कि शिवप्रकाश खुद स्थानीय नेताओं से सीधे संवाद करेंगे और उन्हें टास्क भी दिए जा सकते हैं।
दो स्तर पर होगी बैठकें, मंत्रिमंडल पर मंथन तय
CG Cabinet Expansion: बुधवार को दो अलग-अलग बैठकें रखी गई हैं। एक तरफ विधायक दल की बैठक होगी, दूसरी तरफ मंत्रियों की अलग बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल पर बात हो सकती है।
लोकसभा चुनाव के बाद बृजमोहन अग्रवाल के सांसद बनने से खाली हुए मंत्री पद को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं। अभी उनके पास रहे संस्कृति और स्कूल शिक्षा विभाग का प्रभार खुद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय संभाल रहे हैं। अब उम्मीद की जा रही है कि इस बैठक में नए चेहरों को कैबिनेट में शामिल करने का फैसला हो सकता है।
संकल्प से सिद्धि तक अभियान की भी समीक्षा
CG Cabinet Expansion News Update: इस बैठक में भाजपा के ‘संकल्प से सिद्धि तक’ अभियान की समीक्षा भी की जाएगी। विधायकों से पूछा जाएगा कि उनके क्षेत्र में इस अभियान के तहत अब तक क्या काम हुए हैं और आगे क्या योजनाएं हैं। संगठन की ओर से कुछ नेताओं को विशेष कार्य भी सौंपे जा सकते हैं।
ये सभी दिग्गज होंगे बैठक में शामिल
इस अहम बैठक में भाजपा के बड़े नेता मौजूद रहेंगे:
- राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री शिवप्रकाश
- प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन
- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
- प्रदेश अध्यक्ष किरण देव
- क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल
- प्रांत संगठन मंत्री पवन साय
इन नेताओं की मौजूदगी से साफ है कि पार्टी संगठन और सरकार के तालमेल को मजबूत करने की दिशा में गंभीर है।
4 जुलाई से विधानसभा सत्र की शुरुआत
छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 14 जुलाई से शुरू होगा, जो 18 जुलाई तक चलेगा। कुल पांच बैठकें होंगी। उससे पहले भाजपा का यह संगठनात्मक बैठकें करना यह दिखाता है कि पार्टी विधानसभा में अपने एजेंडे को लेकर पूरी तैयारी करना चाहती है।
इन्हे बनाये जा सकते है साय कैबिनेट में मंत्री

एक महीने में दूसरी बड़ी बैठक
गौरतलब है कि ठीक दो महीने पहले, 10 अप्रैल को भी इसी तरह की बड़ी बैठक भाजपा कार्यालय में हुई थी। उस वक्त भी शिवप्रकाश और नितिन नबीन रायपुर पहुंचे थे। उन्होंने नगर निगम, मंडल और बोर्ड के पदाधिकारियों से मुलाकात कर सत्ता और संगठन के समन्वय पर जोर दिया था।
अब एक बार फिर ऐसे ही समीकरणों पर बात होगी, लेकिन इस बार फोकस मंत्रिमंडल और भविष्य की रणनीति पर है।
किसे मिलेगी जगह? सबकी नजरें बैठक पर
प्रदेश में नए मंत्रियों को लेकर चर्चाएं लंबे समय से जारी हैं। अब जबकि लोकसभा चुनाव खत्म हो चुके हैं, पार्टी पूरी तरह से सुशासन और कार्य निष्पादन पर ध्यान केंद्रित कर रही है। ऐसे में रायपुर की यह बैठक तय कर सकती है कि अगला मंत्री कौन बनेगा, और संगठन की रणनीति आने वाले दिनों में कैसी होगी।
फिलहाल सबकी निगाहें भाजपा मुख्यालय में होने वाली बैठकों पर टिकी हैं।



