
अमेरिका और इजराइल के साथ बढ़ते सैन्य तनाव को देखते हुए ईरान ने सुरक्षा कारणों से अपना हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इस फैसले का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ा है क्योंकि ईरान का एयर स्पेस एशिया से यूरोप और अमेरिका जाने वाले विमानों के लिए एक मुख्य रास्ता है। इस प्रतिबंध के कारण कई उड़ानों को या तो रद्द कर दिया गया है या फिर उनका रास्ता बदलकर उन्हें वापस भेज दिया गया है। तेहरान में मचे इस सियासी घमासान और विरोध प्रदर्शनों के बीच सुरक्षा को सबसे ऊपर रखा जा रहा है।
रायपुर का तालेड़ा परिवार बीच रास्ते में फंसा
ईरान की इस पाबंदी का असर छत्तीसगढ़ के यात्रियों पर भी पड़ा है। रायपुर के रहने वाले महावीर तालेड़ा अपने परिवार के साथ मुंबई से न्यूयॉर्क के लिए रवाना हुए थे। उनकी उड़ान भरने के करीब दो घंटे बाद ही विमान को अचानक वापस मुंबई मोड़ने का फैसला लिया गया। पायलट ने सुरक्षा और तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए यात्रियों को इसकी जानकारी दी जिससे विमान में सवार लोगों के बीच चिंता बढ़ गई। तालेड़ा परिवार समेत सैकड़ों यात्री अब आगे की यात्रा को लेकर परेशान हैं।
मुंबई एयरपोर्ट पर सुबह 4 बजे लैंडिंग
जानकारी के मुताबिक देर रात 2 बजे के बाद मुंबई से उड़ी कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें तेहरान के रास्ते पर थीं। जैसे ही ईरान का हवाई क्षेत्र बंद होने का संदेश एयर ट्रैफिक कंट्रोल को मिला वैसे ही विमानों को फौरन लौटने के निर्देश दिए गए। सुबह करीब 4 बजे कई बड़े विमान मुंबई एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरे। अचानक हुए इस बदलाव की वजह से अंतरराष्ट्रीय रूट पर चलने वाले एयर ट्रैफिक में भारी फेरबदल करना पड़ा है और कई देशों की हवाई सेवाएं इससे सीधे तौर पर प्रभावित हुई हैं।
सुविधाओं की कमी से यात्रियों में गुस्सा
मुंबई एयरपोर्ट पर उतरने के बाद यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। महावीर तालेड़ा ने बताया कि एयरलाइंस की तरफ से न तो रुकने की कोई व्यवस्था की गई और न ही रिफंड या दूसरी फ्लाइट को लेकर कोई साफ जवाब दिया गया। यात्रियों का कहना है कि संकट की घड़ी में कंपनी का रवैया बहुत निराशाजनक रहा। लोग घंटों तक एयरपोर्ट पर ही फंसे रहे और उन्हें अपनी आगे की योजना बनाने के लिए कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई जिससे वहां हंगामे जैसी स्थिति बनी रही।
एयर इंडिया और इंडिगो की चेतावनी
इस पूरे मामले पर एयर इंडिया ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है और ईरान के हालात को देखते हुए कुछ उड़ानें रद्द की गई हैं। वहीं इंडिगो ने भी अपने यात्रियों को सलाह दी है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक कर लें। एयरलाइंस का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय एयर स्पेस का बंद होना उनके नियंत्रण से बाहर है और स्थिति सामान्य होने तक उड़ानों के समय में बदलाव या रद्दीकरण जारी रह सकता है।
हवाई यात्रा पर लंबे समय तक रहेगा असर
ईरान का रास्ता बंद होने से अब अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को लंबे और वैकल्पिक रास्तों से गुजरना पड़ेगा। इससे न केवल यात्रा का समय बढ़ेगा बल्कि ईंधन की लागत बढ़ने से टिकट की कीमतें भी ऊपर जा सकती हैं। जानकारों का कहना है कि जब तक युद्ध जैसे हालात सामान्य नहीं होते तब तक एशिया और यूरोप के बीच हवाई यातायात बाधित रहेगा। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइटों पर दी गई जानकारी पर ही भरोसा करें और बिना पुष्टि किए एयरपोर्ट जाने से बचें।



