
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ स्टेशन के पास बुधवार शाम एक बड़ा रेल हादसा होते-होते बचा। पुणे से हावड़ा जा रही आजाद हिंद एक्सप्रेस के इंजन से तीसरे जनरल कोच में अचानक धुआं उठने से यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई। यह घटना भूपदेवपुर और किरोड़ीमल नगर सेक्शन के बीच हुई। कोच के अंदर तेजी से फैलते धुएं को देखकर यात्रियों ने सूझबूझ दिखाई और तुरंत चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोक दिया। गनीमत रही कि इस दौरान किसी भी यात्री को चोट नहीं आई और समय रहते सभी डिब्बे से बाहर निकल गए।
टीटीई की सतर्कता से कंट्रोल रूम को मिली खबर, यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया
ट्रेन में ड्यूटी पर तैनात टीटीई चंचल कुमार ने धुआं उठते ही सबसे पहले रेल कंट्रोल रूम को इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पोल संख्या 599/21 के पास ट्रेन के जनरल कोच में आग लगने की सूचना है। चेन पुलिंग के बाद जब ट्रेन रुकी तो सुरक्षा और रेलवे स्टाफ ने मोर्चा संभाला और डिब्बे में मौजूद सभी मुसाफिरों को नीचे उतारकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। शाम करीब 7:41 बजे ट्रेन को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया था।

अग्निशामक यंत्रों का इस्तेमाल: रेल स्टाफ ने खुद ही पाया आग पर काबू
आग की खबर मिलते ही ट्रेन के गार्ड, लोको पायलट और एसी मैकेनिक फौरन प्रभावित कोच की तरफ दौड़े। स्टाफ ने बिना वक्त गंवाए ट्रेन में रखे फायर एक्सटिंग्विशर यानी अग्निशामक यंत्रों का उपयोग किया और लपटों को बुझाना शुरू किया। शुरुआती जांच में पता चला कि डिब्बे के अंदर रखे कागज के ढेर में आग लगी थी। रेलवे की टेक्निकल टीम ने जांच में पाया कि कोच में कोई इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट नहीं हुआ था। आग बुझने और स्थिति सामान्य होने के बाद रात 8:23 बजे ट्रेन को आगे रवाना किया गया।
लापरवाही बनी हादसे की वजह! बीड़ी-सिगरेट से आग लगने की आशंका
रेलवे अधिकारियों की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि किसी यात्री की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ होगा। आशंका जताई जा रही है कि किसी ने जलती हुई बीड़ी या सिगरेट डिब्बे के अंदर फेंक दी होगी जिससे वहां पड़े सूखे कागजों ने आग पकड़ ली। हालांकि पुलिस और रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से इस बारे में पूछताछ की लेकिन किसी भी कानूनी कार्रवाई के डर से फिलहाल कोई भी सामने नहीं आया है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे सफर के दौरान ज्वलनशील पदार्थों का इस्तेमाल न करें।
रायगढ़ स्टेशन पर हुई कोच की संयुक्त जांच, सुरक्षा मानकों के बाद ट्रेन रवाना
ट्रेन जब रायगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंची तो वहां पहले से तैयार एसएसई और विद्युत विभाग के अमले ने पूरे डिब्बे की सघन जांच की। संयुक्त जांच दल ने कोच के हर हिस्से को बारीकी से परखा ताकि आगे के सफर में किसी प्रकार का खतरा न रहे। सभी सुरक्षा मानकों पर संतुष्ट होने के बाद रात करीब 9 बजे ट्रेन को उसके गंतव्य के लिए हरी झंडी दिखा दी गई। इस घटना के कारण ट्रेन कुछ घंटे की देरी से चली लेकिन किसी जान-माल का नुकसान नहीं होने से रेलवे प्रशासन ने राहत की सांस ली है।



