
छत्तीसगढ़ के सर्राफा व्यापारियों ने अपनी सुरक्षा और करोड़ों के माल की हिफाजत के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन ने फैसला किया है कि अब किसी भी आभूषण दुकान में ग्राहक बुर्का, हेलमेट या चेहरा ढंकने वाला नकाब पहनकर प्रवेश नहीं कर पाएंगे। हाल ही में नवापारा-राजिम इलाके में हुई करोड़ों की चोरी के बाद व्यापारियों के बीच भारी आक्रोश है। सुरक्षा को लेकर हुई आपात बैठक में यह तय किया गया कि पहचान छिपाकर आने वाले संदिग्धों को रोकने के लिए चेहरे का साफ दिखना अनिवार्य होगा। यह नियम प्रदेश भर की छोटी-बड़ी सभी ज्वेलरी शॉप्स पर लागू करने की तैयारी है।
राजिम की वारदात ने बढ़ाई ज्वेलर्स की चिंता
Jewelry theft. गरियाबंद जिले के नवापारा-राजिम में सोमवार रात हुई एक बड़ी चोरी ने पूरे प्रदेश के व्यापारियों को हिलाकर रख दिया है। नकाबपोश चोरों ने बेसमेंट के रास्ते एक दुकान में घुसकर करीब 40 किलो चांदी, 90 ग्राम सोना और लाखों रुपये नगद पार कर दिए थे। सुबह जब मालिक ने दुकान खोली, तब इस बड़ी वारदात का खुलासा हुआ। सबसे बड़ी मुश्किल यह रही कि सीसीटीवी कैमरों में चोरों के चेहरे नकाब से ढके होने के कारण पुलिस उनकी पहचान नहीं कर पा रही है। इसी बेबसी और सुरक्षा में सेंध को देखते हुए एसोसिएशन ने नए नियम बनाने का फैसला लिया।
पहचान स्पष्ट करने के लिए सीसीटीवी पर जोर
सर्राफा एसोसिएशन का तर्क है कि अपराधी अक्सर रेकी करने या वारदात को अंजाम देने के लिए पहचान छिपाकर दुकानों में घुसते हैं। ऐसे में हाई-क्वालिटी कैमरे होने के बावजूद नकाब या हेलमेट की वजह से उनकी शक्ल रिकॉर्ड नहीं हो पाती। जांच एजेंसियां भी चेहरा साफ न होने के कारण आरोपियों तक पहुंचने में असफल रहती हैं। नए फैसले के तहत अब दुकान में घुसते समय हर व्यक्ति को अपना चेहरा दिखाना होगा ताकि कैमरों में उनकी स्पष्ट छवि दर्ज हो सके। इससे न केवल चोरी की घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना भी आसान होगा।
किसी समुदाय विशेष को टारगेट करना उद्देश्य नहीं
एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल सोनी ने स्पष्ट किया है कि इस फैसले का मकसद किसी विशेष धर्म या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है। यह कदम पूरी तरह से सुरक्षा और व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए उठाया गया है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में सर्राफा बाजारों में लूट और चोरी की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं, जिससे कारोबारियों में डर का माहौल है। व्यापारियों का मानना है कि ग्राहकों की सुरक्षा के लिए भी यह जरूरी है कि दुकान के अंदर आने वाले हर व्यक्ति की पहचान पारदर्शी हो ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे।
व्यापारियों को हाई-टेक होने की दी गई सलाह
प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन ने अपने सभी सदस्यों से दुकानों को तकनीकी रूप से अपग्रेड करने की अपील की है। बैठक में सुझाव दिया गया कि दुकानदार अपनी दुकानों में हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे, आधुनिक अलार्म सिस्टम और मोशन सेंसर जैसे उपकरण लगवाएं। साथ ही, प्रवेश द्वार पर सुरक्षा गार्डों को तैनात करने और संदिग्ध लगने वाले लोगों की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को देने के निर्देश दिए गए हैं। एसोसिएशन ने सरकार से भी मांग की है कि सर्राफा बाजारों में पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए ताकि अपराधी सक्रिय न हो सकें।
प्रशासन से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग
राजिम की घटना के बाद सर्राफा कारोबारियों ने पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। व्यापारियों का कहना है कि अगर समय रहते आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई और चोरी गया माल बरामद नहीं किया गया, तो वे उग्र प्रदर्शन को मजबूर होंगे। एसोसिएशन ने पुराने लंबित मामलों को भी जल्द सुलझाने की मांग रखी है। फिलहाल, नवापारा और आसपास के इलाकों में पुलिस की टीमें सक्रिय हैं, लेकिन नकाबपोश चोरों का सुराग मिलना अब भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। व्यापारियों ने एकजुट होकर यह संदेश दिया है कि सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
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